अजब गजब

समुद्र में दो महीने तक फंसा रहा शख्स, नाव की लकड़ी और खारे पानी के सहारे ऐसे रहा ज़िंदा

19 वर्षीय अल्दी को जब रेस्क्यू किया गया तो उन्होंने बताया कि ठंड से बचने के लिए उन्होंने नाव की लकड़ियों का सहारा लिया।
2 min read
• •
Updated: 25 Sep 2018, 1:29 PM IST
aldi adilang a indonesian teenager survived 49 days in sea rescued
समुद्र में दो महीने तक फंसा रहा शख्स, नाव की लकड़ी और खारे पानी के सहारे ऐसे रहा ज़िंदा

नई दिल्ली। गुआम के समुद्र में फंसे इंडोनेशिया के 19 वर्षीय अल्दी अदिलांग के दो महीने के संघर्ष की कहानी ऐसी है जो किसी को भी हैरान कर दे। भूख, प्यास, ठंड, डर, अकेलेपन का एहसास किसी को भी पल भर में खत्म कर देने के लिए काफी है। लेकिन अल्दी का ज़िंदा रहने का जुनून ऐसा था जो उसे वहां से निकाल लाया। जुलाई के मध्य में गुआम के समुद्र में फंसे अल्दी मछलियों व समुद्री खारे पानी की खुराक पर लगातार 49 दिनों तक मौत को मात देने में सफल रहे। 19 वर्षीय अल्दी को जब रेस्क्यू किया गया तो उन्होंने बताया कि, ठंड से बचने के लिए उन्होंने नाव की लकड़ियों का सहारा लिया। आप इसे रियल 'लाइफ ऑफ पाई' का नाम दे सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अल्दी जकार्ता की मछली पालक कंपनी में काम करते थे। जुलाई महीने में उन्हें मछली पकड़ने की विशालकाय जाल से लैस एक झोपड़ीनुमा नाव पर तैनात किया गया था। यह नाव सुलावेसी तट से 125 किलोमीटर दूर समुद्र में छोड़ी गई थी। बता दें कि, नाव को रस्सी के सहारे तट से बांधा गया था।

अल्दी को रात में मछली पकड़ने के लिए एक लैंप, एक वॉकी-टॉकी जिससे वे अपनी कंपनी से संपर्क करते रहें। लेकिन 14 जुलाई को सब बदल गया जब जबरदस्त तूफान में अल्दी की नाव की डोर तट पर लगे बांध से टूट गई। इसके बाद नाव तेज़ हवाओं में बहकर हजारों मील दूर गुआम जलक्षेत्र में पहुंच गई। बता दें कि, वो नाव एक रोमपोंग थी जिसमें न तो कोई पेडल थे, न ही इंजन यही वजह थी कि वो खुद तट पर नहीं पहुंच सकते थे। पूरे 49 दिन समुद्र में फंसे अल्दी के पास किसी दूसरी नाव से सहारा लेने के आलावा कोई चारा नहीं था। 49 दिन समुद्र में फंसे अल्दी ने ठंड से बचने को नाव की लकड़ी काट-काटकर जलाई, और भूख मिटाने के लिए जाल में फंसने वाली मछली को आग में भूनकर खाते थे समुद्र का खारा पानी टीशर्ट से छानकर पीते थे, ताकि शरीर में नमक की अधिकता न हो। एक बार अल्दी को लगा कि वे आत्महत्या कर लें लेकिन हमेशा वो हिम्मत बांधते रहे और आखिरकार 31 अगस्त को गुआम तट से गुजर रहा पनामाई जहाज ‘अरपेगियो’ आल्दी के लिए मसीहा बनकर पहुंचा।

Updated on:
25 Sep 2018, 1:29 PM IST
Published on:
Also Read
View All
राजस्थान में बाड़ेबंदी का खेल शुरू, कांग्रेस प्रत्याशी जबरन उठाने की कोशिश, पुलिस पहुंची तो ASP से उलझे समर्थक

Unique News: शादी के अगले दिन दुल्हन के ससुराल पहुंचा प्रेमी, कहा- 3 साल से है रिलेशनशिप, मचा बवाल, रिसेप्शन रद्द, दूल्हे ने मांगा तलाक

Unique marriage: Video: मैनपाट में अनोखी शादी: दुल्हन लेकर पहुंची बारात, विदाई कराकर ले जाने लगी तो फूट-फूटकर रोया दूल्हा

Ghost Built Temple: इंसानों ने नहीं, भूतों ने बनाया था ये मंदिर, बिना सीमेंट-चूने के हवा में आज भी टिका है MP का यह मंदिर

गौरीकुंज वर्सेस गीता भवन… यूनियन क्लब ने दी थी जमीन, अनुबंध की शर्तों में स्पष्ट नाम नहीं बदल सकते