19 वर्षीय अल्दी को जब रेस्क्यू किया गया तो उन्होंने बताया कि ठंड से बचने के लिए उन्होंने नाव की लकड़ियों का सहारा लिया।
नई दिल्ली। गुआम के समुद्र में फंसे इंडोनेशिया के 19 वर्षीय अल्दी अदिलांग के दो महीने के संघर्ष की कहानी ऐसी है जो किसी को भी हैरान कर दे। भूख, प्यास, ठंड, डर, अकेलेपन का एहसास किसी को भी पल भर में खत्म कर देने के लिए काफी है। लेकिन अल्दी का ज़िंदा रहने का जुनून ऐसा था जो उसे वहां से निकाल लाया। जुलाई के मध्य में गुआम के समुद्र में फंसे अल्दी मछलियों व समुद्री खारे पानी की खुराक पर लगातार 49 दिनों तक मौत को मात देने में सफल रहे। 19 वर्षीय अल्दी को जब रेस्क्यू किया गया तो उन्होंने बताया कि, ठंड से बचने के लिए उन्होंने नाव की लकड़ियों का सहारा लिया। आप इसे रियल 'लाइफ ऑफ पाई' का नाम दे सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अल्दी जकार्ता की मछली पालक कंपनी में काम करते थे। जुलाई महीने में उन्हें मछली पकड़ने की विशालकाय जाल से लैस एक झोपड़ीनुमा नाव पर तैनात किया गया था। यह नाव सुलावेसी तट से 125 किलोमीटर दूर समुद्र में छोड़ी गई थी। बता दें कि, नाव को रस्सी के सहारे तट से बांधा गया था।
अल्दी को रात में मछली पकड़ने के लिए एक लैंप, एक वॉकी-टॉकी जिससे वे अपनी कंपनी से संपर्क करते रहें। लेकिन 14 जुलाई को सब बदल गया जब जबरदस्त तूफान में अल्दी की नाव की डोर तट पर लगे बांध से टूट गई। इसके बाद नाव तेज़ हवाओं में बहकर हजारों मील दूर गुआम जलक्षेत्र में पहुंच गई। बता दें कि, वो नाव एक रोमपोंग थी जिसमें न तो कोई पेडल थे, न ही इंजन यही वजह थी कि वो खुद तट पर नहीं पहुंच सकते थे। पूरे 49 दिन समुद्र में फंसे अल्दी के पास किसी दूसरी नाव से सहारा लेने के आलावा कोई चारा नहीं था। 49 दिन समुद्र में फंसे अल्दी ने ठंड से बचने को नाव की लकड़ी काट-काटकर जलाई, और भूख मिटाने के लिए जाल में फंसने वाली मछली को आग में भूनकर खाते थे समुद्र का खारा पानी टीशर्ट से छानकर पीते थे, ताकि शरीर में नमक की अधिकता न हो। एक बार अल्दी को लगा कि वे आत्महत्या कर लें लेकिन हमेशा वो हिम्मत बांधते रहे और आखिरकार 31 अगस्त को गुआम तट से गुजर रहा पनामाई जहाज ‘अरपेगियो’ आल्दी के लिए मसीहा बनकर पहुंचा।