अजब गजब

देश के इस गांव में गोरा होना है पाप, चेहरे का रंग ज़रा सा हुआ साफ तो उसे उतर दिया जाता है मौत के घाट

, केन्द्र शासित प्रदेश अंडमान में रह रही जारवा जनजाति के लोग इस प्रथा का पालन कर रहे हैं।
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Oct 02, 2018
bizarre tradition of jarawa tribe of andaman and nicobar
देश के इस गांव में गोरा होना है पाप, चेहरे का रंग ज़रा सा हुआ साफ तो उसे उतर दिया जाता है मौत के घाट

नई दिल्ली। आज के समय में बच्चों के दुनिया में आने से पहले ही माता पिता यही सपने सजाकर बैठे रहते हैं कि उनका होने वाला बच्चा गोरा/गोरी और खूबसूरत हो। लेकिन अपने ही देश में एक ऐसी जगह है जहां अगर गोर बच्चे ने जन्म लिया तो उसे मौत के घाट उतार देते हैं। भारत की एक जनजाति इस प्रथा पर विश्वास रखती है। बता दें कि, केन्द्र शासित प्रदेश अंडमान में रह रही जारवा जनजाति के लोग इस प्रथा का पालन कर रहे हैं। जारवा, भारत के अण्डमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की एक प्रमुख जनजाति है। आज के समय में इनकी संख्या 250 से लेकर 400 तक अनुमानित है जो कि संख्या में काफी कम है। जानकारी के लिए बता दें कि, जारवा लोगों की त्वचा का रंग एकदम काला होता है और कद छोटा होता है। करीब 1990 तक जारवा जनजाति के बारे में किसी को पता नहीं था। यह जनजाति एक अलग तरह का जीवन जी रही थी। अगर कोई बाहरी आदमी इनके दायरे में प्रवेश करता था, तो ये लोग उसे देखते ही मार देते थे, हालांकि 1998 के बाद इनकी इस आदत में बहुत बदलाव आ चुका है अब ये थोड़ा नम्र स्वाभाव के हो गए हैं।

अपने नियमों में बदलाव लाने के बाद जारवा जनजाति ने अपने जीने के तरीकों में कुछ नए नियम जोड़े हैं। आम लोगों के प्रति ये नम्र तो हो गए हैं लेकिन ये अपने जनजाति में किसी का भी दखल बर्दाश्त नहीं करते हैं। इस जनजाति के नियमों के अनुसार, अगर इस समुदाय में परंपरा के अनुसार यदि बच्चे की मां विधवा हो जाए या उसका पिता किसी दूसरे समुदाय का हो तो बच्चे को मार दिया जाता है। बच्चे का रंग थोड़ा भी गोरा हो तो कोई भी उसके पिता को दूसरे समुदाय का मानकर उसकी हत्या कर देता है और समुदाय में इसके लिए कोई दंड नहीं है। इस जनजाति के लोग इस परंपरा को सदियों से मानते आ रहें हैं। खास बात ये हैं कि इस जनजाति में पैदा हुए हर बच्चे को सभी महिलाएं अपना दूध पिलाती हैं।

Updated on:
02 Oct 2018 04:15 pm
Published on:
02 Oct 2018 04:15 pm