यहां के बच्चों को हर धर्म का सार पता है। कुरान के साथ-साथ बाइबिल और गुरू ग्रंथ साहिब के बारे में भी शिक्षा दी जाती है।
नई दिल्ली। भारत क्षेत्रवाद के रूप में आज भी बटां हुआ है। जातिगत भावना आज भी यहां लोगों के विचारों में पनपती है। भाई-भाई का नारा लगाने वाले आज भी खुद को एक-दूसरे से भिन्न मानते हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां वाकई में सर्व धर्म सम्भाव का पाठ पढ़ाया जाता है।
एक ऐसा स्थान जहां के बच्चों को पता है कि सारे धर्म समान है। यहां कुरान की आयतों के साथ गायत्री मंत्र का जाप भी होता है। हम यहां बात कर रहे हैं उत्तरप्रदेश के गोंडा जिले में मुश्ताक़ अहमद रसूलपुर का मदरसा गुलशने बगदाद के बारे में जहां का नजारा हर किसी के मन को मोह लेगा।
यहां हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाता है। जहां देश के बाकी मदरसों में दीनी तालीम दी जाती है वहीं गुलशने बगदाद में कुरान की आयतों संग राम चरित्र मानस की चौपाइयां गुनगुनायी जाती है। यहां का माहौल दुनियाभर के बाकी मदरसों से बिल्कुल अलग है।
यहां के बच्चे इस्लाम धर्म के साथ-साथ हिंदू धर्म के बारे में ज्ञान प्राप्त करते हैं और सिर्फ इतना ही नहीं यहां बाकी धर्मो से भी बच्चों को रूबरू करवाया जाता है। इसके लिए यहां गुरु ग्रंथ साहिब और बाइबिल के बारे में भी बताया जाता है।
बता दें इस मदरसे को पिछले 9 सालों से डिप्टी डायरेक्टर वाहिद अली की पत्नी शहनाज बेगम द्वारा चलाया जा रहा है। यहां कुल 195 बच्चे हैं।
गुलशने बगदाद की एक और खासियत है और वो ये कि यहां बच्चों को योगा और मेडिटेशन के माध्यम से ध्यान लगाना भी सिखाया जाता है। यानि कि वाकई में गुलशने बगदाद में आत्मशुद्धि की शिक्षा बेहतर ढंग से दी जाती है।