अजब गजब

घी से धोया जाता है माता वरदायिनी का यह मंदिर, मान्यता है कि पूरी होती है लोगों की हर मनोकामना

गुजरात के रूपाल गांव में स्थापित है माता वरदायिनी का अद्भुत मंदिर हर साल होता है माता का घी से अभिषेक महाभारत काल से प्रचलित है ये कथा
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Mar 27, 2019
mata vardayini temple in gujarat
घी से धोया जाता है माता वरदायिनी का यह मंदिर, मान्यता है कि पूरी होती है लोगों की हर मनोकामना

नई दिल्ली। हर मंदिर का अपना रिवाज होता है। ऐसे ही एक गुजरात ( Gujarat ) के मंदिर में देवी माता का घी से अभिषेक करने के रिवाज है। यहां हर साल अक्टूबर महीने में पल्ली महोत्सव मनाया जाता है। वरदायिनी माता के पल्ली स्वरूप के दर्शन के लिए हर साल यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मान्यता है कि रूपाल गांव में देवी मां का घी से अभिषेक करने की परंपरा महाभारत काल से चली आ रही है। यहां लोग अपनी मनोकामना पूरी होने की मान्यता मांगने आते हैं। इस परंपरा से महाभारत काल की एक कथा प्रचलित है।

पल्ली समारोह से 12 घंटे पहले से दर्शनार्थियों की भीड़ इस मंदिर में लगनी शुरू हो जाती है। मान्यता है कि महाभारत काल में युद्ध में वजय प्राप्त करने के बाद पांडव वरदायिनी माता ( Vardayini Mata Temple )
के दर्शन को आए। किवदंती है कि पांडवों ने यहां सोने की एक पल्ली बनाकर चारों दिशाओं में शोभायात्रा निकाली। उन्होंने यहां पंच बलियज्ञ किया जिसके बाद यह परंपरा शुरू हुई।

मान्यता है कि घी से वरदायिनी देवी का अभिषेक करने से कृपा बरसती है। हर साल नवरात्रि के मौके पर पल्ली समारोह का आयोजन होता है। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ लगती है। नवरात्रि की नवमी को यहां लकड़ी से बने एक रथ को पूरे गांव में घुमाया जाता है। इस रथ पर बने सांचे में पांच स्थानों पर अखंड ज्योति स्थापित की जाती है। बता दें कि इस मंदिर में आने वाले भक्तों की जितनी श्रद्धा होती है वो उतना ही घी वरदायिनी माता को चढ़ाते हैं।

Published on:
27 Mar 2019 10:02 am