जिला महिला अस्पताल की दो नर्स व एक चतुर्थ श्रेणी महिलाकर्मी शुक्रवार को एचआइवी संक्रमण की आशंका के चलते घबराकर बेहोश हो गईं।
नई दिल्ली। डॉक्टर से कोई बीमारी नहीं छिपती और उन्हें किसी बीमारी का पता चलता है तो वो उसे ठीक करने की पूरी कोशिश करते हैं, ऐसे में डॉक्टर पर पूरा भरोसा कर के लोग उन्हें अपनी तकलीफ और बीमारी के बारे में बता देते हैं। लेकिन क्या हो जब डॉटर को पता चले कि मरीज़ ने उनसे ऐसे बीमारी से ग्रसित होने की बात छिपाई है जो उन्हीं की जान ले ले। ऐसे में डॉक्टरों को किसी ऐसी बीमारी का पता चले तो उसपर क्या बीतेगी। हम आपको बता दें कि, जिला महिला अस्पताल की दो नर्स व एक चतुर्थ श्रेणी महिलाकर्मी शुक्रवार को एचआइवी संक्रमण की आशंका के चलते घबराकर बेहोश हो गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, गर्भवती महिला एचआईवी पॉजिटिव थी। जिला महिला अस्पताल में एक महिला को डिलीवरी के लिए लाया गया। उसे बहुत तेज लेबर पेन हो रहा था तो उसे जल्दी ही लेबर रूम ले जाया गया।
बता दें कि, इस महिला के परिवार के लोगों कुछ देर बाद अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि महिला की डिलीवरी करा ली गई है औ उसने पुत्र को जन्म दिया है। लेकिन इसके बाद जो खुलासा हुआ वो डॉक्टर और वहां के स्टाफ के लिए बेहद ही डराने वाली बात थी। दरअसल, डिलीवरी के बाद स्टाफ ने पहले से चल रही दवाओं के बारे में जानने के लिए मेडिकल फाइल देखी। जिसके बाद ये बात सामने आई कि गर्भवती महिला एचआईवी पॉजिटिव है। यह बात सुनते ही दो नर्स व एक चतुर्थ श्रेणी महिलाकर्मी खुद को एचआइवी संक्रमण न हो जाये इसलिए घबराकर बेहोश हो गईं। मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल जांच रिपोर्ट देखने पर पता चला कि महिला एचआइवी संक्रमित थी जो दवा वह हाल में खा रही थी वह बच्चे को संक्रमण से बचाने लिए थी। लेकिन डॉक्टर का कहना है कि, जब महिला के परिजन उसे हॉस्पिटल लाए थे तो होने महिला के एचआईवी पॉजिटिव होने की बात छिपा ली थी। डिलीवरी के बाद हुए खुलासे से अस्पताल प्रसाशन नाराज़ है बता दें कि, एचआईवी पॉजिटिव मरीज़ों की डिलीवरी के समय डॉक्टर ऑपरेशन के समय एक खास किट का इतेमाल करते हैं लेकिन इस केस में उन्हें नॉर्मल डिलीवरी की जो उनके लिए खतरा बन सकती है।