अजब गजब

क्यों अपनी शादी में दूल्हा चढ़ता है घोड़ी, पीछे की वजह कर देगी हैरान

क्या आपने कभी इस बात पर गौर फरमाया है शादी में अकसर दुल्हा घोड़ी चढ़कर ही क्यों आता है? आखिर इसके पीछे ऐसी क्या वजह हो सकती है?
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Jun 24, 2018
Groom
क्यों अपनी शादी में दूल्हा चढ़ता है घोड़ी, पीछे की वजह कर देगी हैरान

नई दिल्ली। शादी-विवाह में शिरकत होना हम सभी को पसंद है। यह एक ऐसा अवसर है जब परिवार के सभी सदस्य एक साथ, एक स्थान पर एकत्रित होते हैं। जश्न के इस माहौल में अनजान भी अपने बन जाते हैं। घर में शादी का माहौल हो तो खाने-पीने की भी भरपूर छूट होती है। वर और वधू, दोनों पक्ष के लोग ही इस अवसर पर जमकर मस्ती करते हैं।

जैसा कि हम जानते हैं कि हर धर्म व समुदाय में शादी को लेकर अलग-अलग रस्मों का पालन किया है। बात अगर हिंदू धर्म की करें तो इनके भी रस्म-रिवाज बिल्कुल अलग हैं। इन रिवाजों का पालन सदियों से होता आ रहा है। हर रिवाज के पीछे कोई न कोई तर्क अवश्य होता है। एक ऐसे ही रिवाज के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद आप न जानते हो।

क्या आपने कभी इस बात पर गौर फरमाया है शादी में अकसर दुल्हा घोड़ी चढ़कर ही क्यों आता है? आखिर इसके पीछे ऐसी क्या वजह हो सकती है? दुल्हे के घोड़ी चढ़कर आने की असली वजह क्या है? इस बारे में आज हम आपको पूरी बात बताते हैं। जैसा कि हम पहले ही बता चुके है कि हर रिवाज, हर नियम की कोई न कोई व्याख्या जरूर होती है। ठीक वैसे ही इसके पीछे की वजह भी कम रोचक नहीं है।

हमें पता है कि पौराणिक काल में युद्ध लड़ने का चलन था। राजा, महाराजा व शासकों द्वारा अकसर घोड़ें पर सवार होकर ही रण भूमि में शत्रूओं का सामना करना पड़ता था। घोड़ें को शौर्य व वीरता का प्रतीक माना जाता है। शायद यही वजह है कि अपने जीवन की नई शुरूआत करने से पहले दुल्हा घोड़ी पर सवार होता है।

इसके अलावा घोड़ें को उत्पत्ति का कारक भी माना जाता है क्योंकि पुराणों के अनुसार जब सूर्य देव की चार संतानों, यम, यमी, तपती और शनि देव का जन्म हुआ उस दौरान सूर्यदेव की पत्नी रूपा ने घोड़ी का ही रूप धारण किया था।

तीसरी बात ये हैं कि प्रभु श्रीराम और भगवान कृष्ण भी अपने विवाह वाले दिन घोड़े पर सवार होकर आए थे।

एक अन्य मान्यता के अनुसार दूल्हे का घोड़ी पर आना इस बात का भी प्रतीक है कि घोड़ी की बागडोर संभालने वाला पुरुष, अपने परिवार और पत्नी की बागडोर भी अच्छे से संभाल सकता है। घोड़ी को घोड़ी बुद्धिमान, चतुर और दक्ष माना जाता है। उसे एक योग्य व्यक्ति द्वारा ही नियंत्रित किया जा सकता है। घोड़ी पर सवार होकर आने वाले दूल्हे को योग्य और बलशाली माना जाता है।

Published on:
24 Jun 2018 12:28 pm
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