अजब गजब

सदी के सबसे बड़े चंद्रग्रहण में भी नहीं हुए इस मंदिर के कपाट बंद, जानें कहां और क्यों हुआ ऐसा

हम देखते आ रहे हैं कि ग्रहण के दौरान मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन इस मंदिर के पट ग्रहण के दौरान भी पट बंद नहीं हुए।
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Jul 29, 2018
कालका जी मंदिर
सदी के सबसे बड़े चंद्रग्रहण में भी नहीं हुए इस मंदिर के कपाट बंद, जानें कहां और क्यों हुआ ऐसा

नई दिल्ली। बीते शुक्रवार यानि कि 27 जुलाई का दिन बहुत खास रहा क्योंकि इस दिन सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण रहा। लोगों को काफी बेसब्री से इस चंद्रग्रहण का इंतजार था। काफी तैयारियां भी इस दौरान की गई।

ऐसा कहा गया था कि इस ग्रहण के सुतं दोपहर के 2 बजे से ही लग गए थे जिसके बाद सभी मंदिरों के पट बंद हो गए थे। जैसा कि हम अपने बचपन से ही देखते आ रहे हैं कि ग्रहण के दौरान छोटे से लेकर बड़े मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं।

ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि मंदिर में विराजित भगवान पर इस ग्रहण का कोई असर ना पड़े, लेकिन आज हम आपको उस एक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां ग्रहण के दौरान भी पट बंद नहीं हुए।

आखिर यह मंदिर कहां है? क्या नाम है? क्यों ग्रहण के दौरान भी इसके पट बंद नहीं किए गए? आपके इन सभी सवालों का जवाब हम देते हैं।

सबसे पहले बता दें यह मंदिर दिल्ली में स्थित है और यह यहां का मशहूर कालका जी का मंदिर है। इस मंदिर के पीठाधीश्वर महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत का इस बारे में कहना है कि, कालका जी मंदिर के पट कभी बंद नहीं होते हैं। चाहे सूर्य ग्रहण हो या चंद्रग्रहण मंदिर के कपाट हमेशा खुले ही रहते हैं।

आपको बता दें कि सिद्धपीठ कालका जी मंदिर के कपाट सूतक और ग्रहण काल के दौरान भी रात में 12 बजे तक खुले रहते हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। भक्त चाहे तो इस दौरान मंदिर में आ सकते हैं।

मान्यता है कि इस मंदिर में 12 राशियां और नौ ग्रह विराजित है। ये सभी मां के पुत्र है और उनके साथ यहीं रहते हैं।इसी के चलते मंदिर के पट कभी बंद नहीं होते।

जैसा कि आप जानते ही हैं कि 27 जुलाई का चंद्रग्रहण सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण रहा। इसकी अवधि 235 मिनट तक रही। करीब 104 साल बाद चंद्रग्रहण का यह संयोग बना जिस वजह से यह बेहद खास रहा।

Published on:
29 Jul 2018 02:51 pm