लगातार बीमार रहने की वजह से कैथी को शारीरिक समस्याओं के साथ-साथ अब मानसिक दिक्कतें भी होने लगी थीं।
नई दिल्ली। दुनिया भर में ऐसे मामलों की कोई कमी नहीं है, जब बीमार होने वाले मरीज को उसकी बीमारी की असली वजह का पता ही नहीं चल पाता। लेकिन मामला उस वक्त और भी ज़्यादा पेचीदा हो जाता है जब मरीज की बीमारी की असली वजह डॉक्टरों को भी नहीं पता चल पाती। आज हम आपको एक ऐसे ही चौंका देने वाले मामले के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे सुनने के बाद आपकी आंखें फटी की फटी रह जाएंगी।
दरअसल कैथी विलसन नाम की 41 वर्षीय महिला को बीते 10 सालों से बुखार और कमजोरी की शिकायत थी। तमाम अस्पतालों के अनगिनत चक्कर लगाने के बाद भी कैथी की बीमारी की असली वजह का पता नहीं चल पा रहा था। लगातार बीमार रहने की वजह से कैथी को शारीरिक समस्याओं के साथ-साथ अब मानसिक दिक्कतें भी होने लगी थीं। कैथी अपनी इस रहस्यमयी बीमारी को लेकर काफी परेशान और बेचैन रहने लगी थीं।
लेकिन आखिरकार वह दिन आ ही गया जब कैथी की बीमारी की असली वजह का पता चल गया। सबसे खास बात तो यह है कि कैथी की बीमारी का पता मेडिकल साइंस ने नहीं बल्कि गीज़र ठीक करने वाले इंजीनियर्स को पता चला। कैथी के घर में लगा गीज़र कोई दिक्कत कर रहा था, जिसकी वजह से उसे ठीक करने के लिए इंजीनियर्स को बुलाया गया था। गीज़र की सर्विस के दौरान इंजीनियर्स ने देखा कि उससे एक बेहद ही ज़हरीली गैस लीक हो रही है। इंजीनियर्स ने बताया कि कैथी के घर में लगा गीज़र काफी पुराना हो चुका था, जिसकी वजह से उसमें से कार्बन मोनॉक्साइड गैस लीक होने लगी थी।
इंजीनियर्स की इन बातों से कैथी की 10 साल पुरानी बीमारी की पोल-पट्टी खुल गई। इतना कुछ सुनने के बाद कैथी ने गीज़र ठीक कराने के बजाए उसे घर से ही हटवा दिया। अब कैथी की हालत में तेज़ी से सुधार हो रहा है।