बिहार के बांका जिले में ऐसे कई गांव हैं, जहां की सड़कें काफी खराब स्थिति में हैं।
नई दिल्ली। बिहार के बांका जिले में महिलाओं के अदम्य साहस और अनोखी शक्ति की मिसाल देखने को मिली। बांका के एक गांव में रहने वाली महिलाओं ने राज्य सरकार की नाकामी से परेशान होकर खुद ही सड़क बना डाली। खास बात ये है कि यहां की महिलाओं ने सड़क बनाने में सरकार से कोई मदद भी नहीं मांगी। दरअसल इस गांव में सरकार पिछले 10 साल से सड़क नहीं बना रही थी। जिसके बाद महिलाओं ने सरकार को आईना दिखाने की ठान ली।
एक अंग्रेजी अखबार की मानें तो बिहार के बांका जिले में ऐसे कई गांव हैं, जहां की सड़कें काफी खराब स्थिति में हैं। लिहाज़ा यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसके साथ ही नीमा, जोरारपुर और दुर्गापुर जैसे गांवों में आपातकालीन स्थिति में लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते, जिसकी वजह से कई लोग रास्ते में ही दम तोड़ देते थे। यहां की एक स्थानीय महिला ने बताया कि बारिश के दौरान यहां की सड़कों की स्थिति और भी ज़्यादा खराब हो जाती थी। खस्ता हाल सड़कों की वजह से गांव की गर्भवती महिलाओं की मौत बढ़ती जा रही थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि गांव से ब्लॉक की दूरी महज़ 2.5 किमी है, फिर भी सरकार ने यहां सड़क बनाने के लिए कभी भी दिलचस्पी नहीं दिखाई।
रिपोर्ट की मानें तो प्रशासन ने सड़क बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण करने का प्लान बनाया था। लेकिन ज़मीन के मालिकों के विरोध के बाद सड़क का पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। जिसकी वजह से सड़क बनाने का काम जहां का तहां रुक गया। जब यहां की महिलाओं को सरकार की मंशा का अंदाज़ा लग गया तो उन्होंने खुद गांव वालों की भलाई के लिए सड़क बनाने का काम शुरु कर दिया। इस काम में नीमा, जोरारपुर और दुर्गापुर गांव के करीब 130 परिवारों ने अपना योगदान दिया।