साफ सफाई और हरियाली हर व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य का राज होती है।
खाली स्थान साफ सुथरे और हरे भरे हुए तो वहां रहने वाले लोगों में तनाव के स्तर में ४१ फीसदी की गिरावट आई। जहां गंदगी साफ हुई पर हरियाली नहीं लगी वहां कोई बदलाव नहीं दिखा। देश में चल रहे स्वच्छता अभियान में हमसब हाथ बटाएंगे तो पूरे देश का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के पेरीलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट में बताया गया है कि साफ सफाई और हरियाली हर व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य का राज होती है।
इसका खुलासा अमरीकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में फिलाडेल्फिया का जिक्र किया गया है जहां ये परिणाम देखने को मिले हैं। रिपोर्ट में बताया है कि गंदे रास्ते व झाडिय़ों से गुजरने की वजह से दिल पर असर पडऩे के साथ तनाव भी बढ़ता है। शहरों को कचरामुक्त रखने के साथ पेड़ पौधे लगाने से व्यक्ति खुश रह सकता है।
तीन वर्ष तक चली स्टडी
सफाई से १८ महीने पहले और १८ महीने बाद स्थानीय लोगों से पूछा गया कि वे कितने निराश, असहाय, बेचैन और तनाव महसूस करते हैं। साफ सफाई व हरियाली के बाद लोगों में तनाव के स्तर में ४१ गिरावट आई। रिपोर्ट में बताया है कि किसी भी देश के लोगों का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करना है तो साफ सफाई और हरियाली पर ध्यान देना होगा। इसको अपनाने से इलाज और दवा पर खर्च होने वाला बजट कम होगाा क्योंकि स्वस्थ मन और शरीर से ही मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण होता है।