सरकार ले दामों को काबू करने की जिम्मेदारी
- डॉ. शिल्पा जैन सुराणा
देश भर मे पेट्रोल पर घपलेबाजी चरम पर पहुंच गई है औऱ समय आ गया है कि सरकार इसकी जिम्मेदारी ले और इस पर कार्यवाही करे। आज के समय मे पेट्रोल कोई विलासिता की वास्तु नही बल्कि आम आदमी की जरूरत और मजबूरी है। महंगाई की दरों पर लगाम तो दूर की बात है, इस पेट्रोल के दामो की वृद्धि ने तो महँगाई की हालत सुरसा के मुँह सरीखी कर दी है। अब बहुत हो गया है, आम आदमी को इतना मूर्ख भी न समझे, पेट्रोलियम कंपनी पेट्रोल के दामो को बढ़ाने का ठीकरा सरकार के सिर पर फोड़ती है और सरकार इन कंपनियों पर। कब तक सरकार और कंपनियां ये चूहे बिल्ली का खेल चलती रहेंगी?
जनता क्यों अपनी खून पसीने की कमाई आपको दे? इस पर जवाब देने की जिम्मेदारी सिर्फ़ औऱ सिर्फ़ सरकार की है, पेट्रोलियम कंपनियों की नही। जनता इतनी भी मूर्ख नही कि वो इस खेल को न समझे और सही गलत का निर्णय न कर सके। सरकार ने नोटबन्दी की, जनता ने हज़ारो कष्ट सहे सिर्फ इसलिये की इस देश के युवा का भविष्य उन्नत हो, हर आम आदमी तरक्की करे, खुशहाली आये। जीएसटी लेकर आये उस पर भी जनता साथ दे रही है सरकार द्वारा न जाने कितनी नई चीज़े थोपी गयी और जनता ने समर्थन दिया, लाखो लोगो ने सब्सिडी को ठोकर मार दी।
अब सरकार की जवाबदेही बनती है कि वो जनता के इस समर्थन का बदला चुकाए। आये दिन पेट्रोल के दाम बढ़ने से हर घर का हिसाब किताब गड़बड़ा रहा है। जनता ने साथ दिया तो अब आप भी जनता का साथ दो, पेट्रोल के दाम कम करे ताकि महंगाई पर लगाम कसी जा सके। इससे मुँह फेरने या ज़िम्मेदारी से भागने से कुछ नही होने वाला, यह मत भूलिए याद रखियेगा जनाब ये पब्लिक है ये सब जानती है।