वनाधिकारियों के अनुसार बाघ टी-34 के आगे के बाएं पैर में चोट एवं खरोंचें हैं। इसके चलते वह जमीन पर पूरी तरह पैर टिका नहीं पा रहा है। वह लंगड़ाते हुए चल रहा है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले तक बाघ ठीक था। जिस दिन ये बाघ घायल दिखा, उस दिन ये चिड़ी खोह इलाके की तरफ से आया था। वहां पर टी-58 का इलाका है। संभावना है कि इस दौरान दोनों के बीच झगड़ा हुआ हो।