
सांकेतिक इमेज (सोर्स- ChatGpt)
मधुमेह (डायबिटीज) और मोटापा एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। इनके बचाव का सही तरीका समझना आज हर उम्र के लोगों के लिए आवश्यक है। संतुलित जीवनशैली, समय पर पहचान और वैज्ञानिक मार्गदर्शन ही इस जटिल समस्या का प्रभावी समाधान हो सकते हैं।
भारतीय काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की गाइडलाइंस के अनुसार, मधुमेह से बचाव का सबसे पहला कदम मोटापे को रोकना है। इसे ‘प्राइमोर्डियल प्रिवेंशन’ कहा जाता है। इसका अर्थ है कि पहले से ही जोखिम कम करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, जैसे संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण।
ICMR के अनुसार, प्रिडायबिटीज (वे लोग जो मधुमेह की ओर बढ़ रहे हैं) में जीवनशैली सुधार से लगभग एक-तिहाई लोगों में मधुमेह होने की संभावना रोकी जा सकती है। यदि जोखिम अधिक हो, जैसे इंसुलिन प्रतिरोध या ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ रहा हो तो जीवनशैली सुधार के साथ मेटफॉर्मिन दवा का उपयोग भी जरूरी होता है।
.एक बार मधुमेह हो जाने पर भी, ICMR के अनुसार, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, जीवनशैली में बदलाव और आवश्यक दवाओं के साथ ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और लिपिड्स (खून में वसा) का नियंत्रण संभव है। इसे ‘सेकेंडरी प्रिवेंशन’ कहा जाता है।
फिनलैंड के डायबिटीज प्रिवेंशन स्टडी ने दिखाया कि यदि प्रिडायबिटीज वाले लोग पांच साधारण जीवनशैली लक्ष्यों को पूरा करते हैं, तो उनमें मधुमेह विकसित नहीं हुआ। चीन के डा किंग अध्ययन में भी जीवनशैली सुधार का असर 20 वर्षों तक बना रहा।
अमेरिकी डायबिटीज एसोसिएशन (ADA) की 2026 की गाइडलाइंस बताती हैं कि मधुमेह और मोटापे वाले लोगों में 5–7% वजन घटाने से ब्लड शुगर और अन्य जोखिम घटक बेहतर होते हैं। 10% से अधिक वजन घटाने से मधुमेह में सुधार और संभवतः रिमिशन (लक्षणों का गायब होना) भी हो सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में लगभग 77 मिलियन वयस्क टाइप 2 मधुमेह से ग्रस्त हैं और लगभग 25 मिलियन लोग प्रिडायबिटीज की स्थिति में हैं। आधे से अधिक लोग अपनी स्थिति से अनजान हैं, जिससे जटिलताएं बढ़ जाती हैं।
WHO के अनुसार मोटापा, विशेषकर पेट के आसपास जमा चर्बी, इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ाता है और मधुमेह का जोखिम बढ़ाता है। मोटापा रोकने और नियंत्रित करने से मधुमेह का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
WHO फाउंडेशन और नोवो नॉर्डिस्क ने मार्च 2026 में भारत में स्कूल-आधारित कार्यक्रम शुरू किया है, जो बच्चों में मोटापे और मधुमेह के जोखिम को कम करने के लिए स्वास्थ्य शिक्षा, स्क्रीनिंग और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन प्रदान करता है।
यदि आपका वजन बढ़ रहा है, ब्लड शुगर या HbA1c सामान्य से अधिक है, या परिवार में मधुमेह का इतिहास है तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। समय पर पहचान और हस्तक्षेप से बचाव संभव है। मधुमेह और मोटापा दोनों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। जीवनशैली में सुधार, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण मधुमेह से बचने के प्रमुख उपाय हैं। प्रिडायबिटीज में समय पर हस्तक्षेप और मधुमेह में नियंत्रण से स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है। बच्चों में शुरुआती रोकथाम भी भविष्य की पीढ़ियों को स्वस्थ रख सकती है।
Updated on:
05 Aug 2026 10:48 pm
Published on:
05 Aug 2026 10:43 pm
