
अर्जेंटीना (Argentina) के राष्ट्रपति के तौर पर 53 वर्षीय जेवियर मिलेई (Javier Milei ) ने 10 दिसंबर शपथ ली थी। मिलेई की पार्टी ने राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में 56% वोट पाते हुए जीत हासिल की थी। चुनाव में जीत हासिल कर राष्ट्रपति बनने के बाद मिलेई के सामने सबसे बड़ी चुनौती अर्जेंटीना को महंगाई से निकालकर अपने देश की आर्थिक स्थिति को सुधारना ही है। मिलेई के फैसलों को देखते हुए आईएमएफ (इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड - IMF) ने कुछ समय पहले अर्जेंटीना की मदद के लिए 4.7 बिलियन डॉलर्स (करीब 39,000 करोड़ रुपये) की सहायता राशि को मंज़ूरी दी थी। मिलेई अभी भी आईएमएफ के संपर्क में है जिससे उनके देश को और सहायता राशि मिल सके। अर्जेंटीना के वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार अर्जेंटीना के जनवरी बजट में सरप्लस देखा गया और 12 साल में ऐसा पहली बार हुआ। अब मिलेई ने एक और बड़ा कदम उठाया है।
खर्चों में कटौती के लिए 3 नए फैसले
मिलेई ने पहले ही साफ कर दिया था कि अर्जेंटीना को महंगाई से निकालने और खर्चों में कटौती के लिए अगर उन्हें सख्त फैसले भी लेने पड़े तो वह लेंगे। और अब उन्होंने ऐसा ही किया है और 3 नए फैसले लिए हैं।
क्या हैं मिलेई के 3 नए फैसले?
अर्जेंटीना में खर्चों में कटौती के लिए मिलेई ने जो 3 नए फैसले लिए हैं, वो इस प्रकार हैं....
1) राज्यों के विज्ञापन खरीदने पर बैन लगाया क्योंकि इसका इस्तेमाल पत्रकारों को खरीदने के लिए किया जाता है।
2) राज्य समाचार एजेंसी TELAM को बंद कर दिया गया।
3) भेदभाव, ज़ेनोफोबिया और नस्लवाद के खिलाफ राज्य संस्थान INADI को भंग कर दिया।