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वो देश जिन्होंने इन अजीबो-गरीब जानवरों को बनाया अपना राष्ट्रीय पशु

Strange National Animal of World: आपको जानकर हैरानी होगी कि कई देश तो ऐसे हैं जिनके राष्ट्रीय पशु बेहद अजीबो-गरीब हैं। वहीं कुछ देशों में तो काल्पनिक जीवों को ही अपना राष्ट्रीय पशु बना लिया है।

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Countries that made strange national animal

Strange National Animal of World: दुनिया भर के देशों के राष्ट्रीय पशु उन जीवों का संकेत और महत्त्व देते हैं। जो उस देश की विशेषता दर्शाते हैं। ये पशु वहां की प्रकृति और संस्कृति के प्रतीक होते हैं। चीता (Leopard) भारत की खूबसूरती का प्रतीक है और रूस में ब्राउन बिअर (Brown Bear) और ऑस्ट्रेलिया में कंगारू राष्ट्रीय पशु है। कुछ राष्ट्रीय पशु ऐसे है जिनकी संख्या में गिरावट हो रही है। जैसे चीता और अफ्रीकी एलीफैंट के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कोशिशें की जा रही हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कई देश तो ऐसे हैं जिनके राष्ट्रीय पशु बेहद अजीबो-गरीब हैं। वहीं कुछ देशों में तो काल्पनिक जीवों को ही अपना राष्ट्रीय पशु बना लिया है। ऐसा किन देशों ने और क्यों किया है, ये हम आपको बता रहे हैं।

यूनिकॉर्न

स्कॉटलैंड- स्कॉटलैंड का राष्ट्रीय पशु यूनिकॉर्न है यानी जो एक काल्पनिक जीव हैं। ये एक घोड़े जैसा दिखता है लेकिन इसकी विशेषता ये है कि इसके माथे पर एक लम्बे घुमावदार सींग होते हैं। यूनिकॉर्न को पुरानी कहानियों और लोक कथाओं में जादुई शक्तियों वाला माना जाता है। इसे पवित्रता और शक्तियों का प्रतीक भी माना जाता है। हैरानी की बात ये है कि ये जीव वास्तविक दुनिया में पाया ही नहीं जाता है लेकिन स्कॉटलैंड की संस्कृति में इसकी खास जगह है।

डोडो

मॉरिशस- मॉरिशस का राष्ट्रीय पशु डोडो है, जो एक विलुप्त पक्षी है। ये उड़ान नहीं भर सकता और इसका आकर एक बड़े मुर्गे जैसा होता है। डोडो को पहली बार 1598 में यूरोपियन नाविकों ने देखा था। मानव शिकार और अन्य जानवरों के शिकार के चलते डोडो की संख्या तेजी से घट गई। 17वीं सदी के अंत तक ये पक्षी पूरी तरह गायब हो गया।

चोली मा

उत्तर कोरिया- उत्तर कोरिया का राष्ट्रीय पशु चोली मा है, जो एक काल्पनिक पंखो वाला घोड़ा है। जो उत्तर कोरिया की संस्कृति में एक शक्तिशाली और तेज गति वाले घोड़े के रूप में दर्शाया गया है। चोलीमा का मतलब हजार मील प्रति दिन दौड़ने वाला घोड़ा होता है। ये मेहनत और प्रेरणा के तौर पर इस देश में जाना जाता है।

टाकिन

भूटान- भूटान का राष्ट्रीय पशु टाकिन है जो एक अनोखा और दुर्लभ जानवर है। जो हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में पाया जाता है। टाकिन का आकार बकरी और गाय के बीच का होता है, और इसकी मोटी मजबूत खाल इसे ठन्डे मौसम से बचाती है। भूटान में टाकिन को विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व दिया जाता है। ये जानवर अपनी विशेषता के कारण लोगों को आकर्षित करता है।

एंडियन कोंडोर

इक्वाडोर- इक्वाडोर का राष्ट्रीय पशु एंडियन कोंडोर (Andean Condor) है। ये एक बड़ा और शक्तिशाली पक्षी है, जिसकी पंखो की लम्बाई-चौड़ाई लगभग 10 फ़ीट तक होती है। एंडियन कोंडोर आमतौर पर दक्षिण अमेरिका के इंडीज पर्वत श्रंखला में पाया जाता है। ये पक्षी ऊंची उड़ान भरने और लम्बे समय तक आसमान में मंडराने के लिए जाना जाता है।

आई-आई

मेडागास्कर- मेडागास्कर का राष्ट्रीय पशु आई -आई है, जो एक अनोखा और दुर्लभ (बन्दर जैसा दिखने वाला ) पशु है।  ये जीव रात्रिचर होता है यानी रात में सक्रिय रहता है। इस आई -आई की बड़ी आंखे होती है और बेहद पतली उंगलिया होती हैं।  जिनसे ये पेड़ो के छिद्रों (छेद) से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। इसे लकड़ी पर लगाकर पेड़ के अंदर कीड़ों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए जाना जाता है।  

पशुओं के दुर्लभ और विलुप्त होने के कारण ?

पशुओं के दुर्लभ और विलुप्त होने की कगार पर पहुंच जाना एक चिंता का विषय है। वो भी तब जब वो उन देशों के राष्ट्रीय पशु हैं। ये विशेष जीवन प्रजातियां है जो कम पाई जाती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि जंगलों के विकास, जंगलों की कटाई और वातावरण का  परिवर्तन है जो इनके रहने की जगहों को खतरे में डाल रहे हैं।

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