
बांग्लादेश हिंसा
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं, के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सिलहट जिले के गोवाइंगहाट उपजिला (बहोर गांव, नंदीरगांव यूनियन) से सामने आया है, जहां एक हिंदू स्कूल शिक्षक बीरेंद्र कुमार डे (स्थानीय रूप से 'झुनू सर' के नाम से मशहूर) के घर को अज्ञात हमलावरों ने आग लगा दी। घटना 15-16 जनवरी 2026 की रात हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
रात के समय हमलावरों ने घर में आग लगा दी, जिससे आग तेजी से फैल गई। वीडियो में परिवार के सदस्यों को आग से बचकर भागते हुए देखा जा सकता है। घर और उसमें रखा सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है।
बीरेंद्र कुमार डे एक सम्मानित स्थानीय शिक्षक हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब उनके घर को निशाना बनाया गया है, लेकिन पहले की घटनाओं में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स में इसे लक्षित हमला बताया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक रूप से आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा किया गया हमला करार दिया गया है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
घटना के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने X पर पोस्ट कर कहा कि यह हमला "चिंताजनक" है और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है। पिछले कुछ हफ्तों में:
ये घटनाएं शेख हसीना की सरकार गिरने और मुहम्मद यूनुस के अंतरिम सरकार के बाद से बढ़ी हैं। भारत ने 9 जनवरी 2026 को इन हमलों पर गहरी चिंता जताई थी और कहा था कि वह स्थिति पर नजर रख रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
Updated on:
16 Jan 2026 05:17 pm
Published on:
16 Jan 2026 05:08 pm
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