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ईरान के घावों पर मरहम लगाएगा चीन! 2,00,000 डॉलर की आपातकालीन सहायता का ऐलान, जानें क्या है ड्रैगन का प्लान

China Aid to Iran School Attack: चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने घोषणा की कि रेड क्रॉस सोसाइटी ऑफ चाइना ईरान के रेड क्रेसेंट सोसाइटी को 2,00,000 अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन मानवीय सहायता प्रदान करेगी।

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

China Condemns US Attack on Iranian School: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच चीन ने मानवीय सहायता का बड़ा कदम उठाया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने शुक्रवार को बीजिंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि रेड क्रॉस सोसाइटी ऑफ चाइना ईरान के रेड क्रेसेंट सोसाइटी को 2,00,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.68 करोड़ रुपये) की आपातकालीन मानवीय सहायता प्रदान करेगी। यह मदद विशेष रूप से उस प्राथमिक स्कूल पर अमेरिकी हमले में मारे गए छात्रों के परिवारों को सांत्वना और राहत देने के लिए है।

हमले में निदोर्ष छात्रों की हुई थी मौत

हमला युद्ध की शुरुआत में हुआ, जिसमें निर्दोष छात्रों की मौत हुई। चीन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। गुओ ने कहा कि चीन "नागरिकों और गैर-सैन्य लक्ष्यों पर हमलों की कड़ी निंदा" करता है और ऐसे "अंधाधुंध बमबारी" का विरोध करता है। उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति बहाल करने के लिए सभी पक्षों से संपर्क बनाए रखने की बात कही। चीन ने आगे कहा कि जरूरत पड़ने पर ईरान और उसके लोगों को अतिरिक्त सहायता देने के लिए तैयार है।

कई सैन्य और नागरिक ठिकानों को बनाया गया निशाना

यह सहायता उस समय आई है जब अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से ईरान पर बड़े हमले शुरू किए, जिसमें तेहरान सहित कई सैन्य और नागरिक ठिकाने निशाना बने। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों (सऊदी अरब, दुबई आदि) में ड्रोन-मिसाइल हमले किए, जिसमें सऊदी रिफाइनरी और जहाज प्रभावित हुए। हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक कार्गो जहाज पर मिसाइल हमला हुआ, लेकिन चालक दल सुरक्षित रहा। युद्ध से ईरान में नागरिक जीवन प्रभावित है, जिसमें स्कूल हमला सबसे संवेदनशील घटना है।

चीन का प्लान और मकसद

यह सहायता मुख्य रूप से मानवीय है, लेकिन यह चीन-ईरान के मजबूत रिश्ते को दिखाती है। चीन ईरान से भारी मात्रा में तेल आयात करता है और क्षेत्रीय स्थिरता उसके लिए महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम BRICS मंच पर ईरान के समर्थन को मजबूत करेगा, जहां चीन पहले से सक्रिय है। हालांकि, चीन ने अभी तक सैन्य सहायता (जैसे मिसाइल पार्ट्स) की कोई पुष्टि नहीं की, लेकिन अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में ऐसी संभावना जताई गई थी। चीन का फोकस युद्ध को जल्द खत्म कराना और ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखना है।

ईरानी पक्ष ने चीन की मदद का स्वागत किया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे डिप्लोमैटिक समर्थन माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने चीन की संभावित भूमिका पर नजर रखी हुई है। यह घोषणा युद्ध के 14वें दिन आई, जहां मानवीय संकट बढ़ रहा है। चीन ने स्पष्ट किया कि वह संघर्ष कम करने में सहयोग के लिए तैयार है।