
तेहरान में प्रदर्शित ईरान का शाहेद ड्रोन। (फोटो: AI)
Ukraine War: ईरान और इजराइल जंग के दौरान काम में आने हथियार रूस और यूक्रेन जंग (Ukraine War) के लिए भी मिसाल बन गए हैं। यूक्रेन के ड्रोन पायलटों ने ईरान के शाहेद-136 ड्रोन्स को मार गिराने में महारत हासिल कर ली है। यूक्रेन की यह आधुनिक 'हंटर' तकनीक भविष्य में अमेरिका और अन्य देशों के लिए भी बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। आधुनिक युद्ध के मैदान (Military Technology) में ईरान की ओर से डिजाइन किया गया 'शाहेद-136' ड्रोन (Shahed-136 Drone) तबाही का एक जाना-पहचाना नाम बन गया है। रूस ने यूक्रेन पर हमले के लिए इस सस्ते और खतरनाक 'कामिकेज़' (आत्मघाती) ड्रोन का भारी इस्तेमाल किया है। शुरुआत में इन ड्रोन्स (Drone Warfare) ने यूक्रेन की सेना के लिए भारी मुश्किलें खड़ी की थीं, क्योंकि इन्हें रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाली एयर-डिफेंस मिसाइलें इन ड्रोन्स की तुलना में बहुत महंगी थीं। लेकिन अब यूक्रेन ने इसका एक बेहद सटीक और किफायती जवाब ढूंढ लिया है।
यूक्रेन के जांबाज ड्रोन पायलट अब 'शाहेद हंटर्स' (Shahed Hunters) बन गए हैं। उन्होंने महंगे रडार और मिसाइल सिस्टम पर निर्भर रहने के बजाय फर्स्ट-पर्सन व्यू (FPV) ड्रोन्स का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। ये यूक्रेनी पायलट अपने तेज रफ्तार वाले छोटे ड्रोन्स को हवा में ही शाहेद ड्रोन्स से टकरा जाते हैं। यह तकनीक न केवल सस्ती है, बल्कि बहुत कारगर भी साबित हो रही है। अब जैसे ही कोई ईरानी शाहेद ड्रोन यूक्रेन की सीमा में घुसता है, ये हंटर्स अपने रिमोट कंट्रोल से उसे हवा में ही नष्ट कर देते हैं।
अमेरिका और नाटो देश यूक्रेन की इस नई रणनीति को बहुत करीब से देख रहे हैं। अमेरिकी सेना के लिए भी यह एक बड़ा सबक है। भविष्य के युद्धों में ड्रोन्स का झुंड (Swarm Drones) एक बड़ा खतरा होगा। अमेरिका के पास दुनिया के सबसे बेहतरीन डिफेंस सिस्टम हैं, लेकिन सस्ते ड्रोन्स को गिराने के लिए लाखों डॉलर की मिसाइल फायर करना आर्थिक रूप से नुकसानदायक है। यही वजह है कि अमेरिका अब यूक्रेन के इन ड्रोन पायलटों की युद्धनीति से सीख ले रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन युद्ध का यह नया तरीका आने वाले समय में दुनिया भर की सेनाओं की रणनीति बदल देगा। यूक्रेन ने यह साबित कर दिया है कि अगर तकनीक और दिमाग का सही इस्तेमाल किया जाए, तो कम बजट में भी दुश्मन के खतरनाक और आधुनिक हथियारों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकता है।
रक्षा विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय सैन्य पर्यवेक्षकों ने यूक्रेन की इस 'जुगाड़' और तकनीकी सूझबूझ की जमकर तारीफ की है। पश्चिमी देशों के रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यूक्रेन ने मजबूरी को अपनी ताकत में बदल दिया है और यह इनोवेशन दुनिया भर की सेनाओं के लिए एक केस स्टडी बन गया है।
आने वाले समय में अमेरिका और अन्य नाटो सहयोगी देश यूक्रेन के इन ड्रोन हंटर्स के साथ मिलकर नई 'एंटी-ड्रोन' तकनीक विकसित कर सकते हैं। इसके लिए पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) यूक्रेनी रक्षा विशेषज्ञों के साथ सीधा संपर्क स्थापित कर सकता है।
बहरहाल, इस युद्ध का एक बड़ा आर्थिक पहलू भी है। एक शाहेद ड्रोन की कीमत लगभग 20-50 हजार डॉलर है, जबकि इसे गिराने वाली पैट्रियट मिसाइल की कीमत कई मिलियन डॉलर है। यूक्रेन ने मात्र कुछ सौ डॉलर वाले FPV ड्रोन्स से शाहेद को गिरा कर रूस की 'आर्थिक युद्ध' की चाल को भी नाकाम कर दिया है।
Updated on:
13 Mar 2026 07:10 pm
Published on:
13 Mar 2026 07:06 pm
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