
India extends assistance to Cuba : विदेश मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में इन एपीआई ( API) के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा, "इन एपीआई का उपयोग क्यूबा के दवा निर्माताओं की ओर से पुरानी संक्रामक बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक टैबलेट, कैप्सूल,सीरप और इंजेक्शन के रूप में आवश्यक एंटीबायोटिक्स का उत्पादन करने के लिए किया जाएगा।"
इस बीच, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "भारत ने क्यूबा को मानवीय सहायता भेजी है। नौ 'मेड इन इंडिया' एपीआई की 90 टन की खेप आज मुंद्रा बंदरगाह से क्यूबा के लिए रवाना हुई। एपीआई आवश्यक दवाओं के निर्माण में सहायता करेंगे।"
विदेश मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि क्यूबा को प्रदान की गई सहायता भारत की विश्व की फार्मेसी के रूप में स्थिति की पुष्टि करती है।
इसमें कहा गया है कि "यह सहायता भारत की "विश्व की फार्मेसी" के रूप में स्थिति की पुष्टि करती है और क्यूबा के साथ ऐतिहासिक मित्रता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।" यह क्यूबा के साथ ऐतिहासिक मित्रता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता भी रेखांकित करती है।
भारत-क्यूबा संबंध पारंपरिक रूप से मधुर और मैत्रीपूर्ण रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 1959 की क्रांति के बाद क्यूबा को मान्यता देने वाले पहले देशों में भारत भी शामिल था।
क्यूबा संयुक्त राष्ट्र के लोकतंत्रीकरण और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार पर भारत के विचारों से सहमत है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार को समग्र सुधार प्रक्रिया के लिए केंद्रीय मानता है।