Donald Trump's Stern Warning To Hamas: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास को कड़ी धमकी दी है। क्या है वजह जिसके चलते ट्रंप ने हमास को धमकी दी है? आइए जानते हैं।
अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) दूसरी बार पदभार संभालने के बाद से ही आक्रामक अंदाज़ में हैं। अब तक कई बड़े फैसले ले चुके ट्रंप दुनियाभर के बड़े मुद्दों पर बोलने से भी पीछे नहीं रह रहे। इज़रायल-हमास युद्ध (Israel-Hamas War) में ट्रंप पहले ही इज़रायल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त कर चुके हैं। दोनों पक्षों के बीच सीज़फायर में भी ट्रंप ने भूमिका निभाई थी। सीज़फायर के पहले चरण के तहत जहाँ हमास ने इज़रायली बंधकों को रिहा करने के साथ ही कुछ बंधकों के शव भी लौटाए, तो इज़रायल ने भी कई फिलिस्तीनी कैदियों को आज़ाद किया। हालांकि सीज़फायर के दूसरे चरण पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच ट्रंप ने हमास को कड़ी धमकी दे दी है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर हमास को धमकी देते हुए लिखा, ""शालोम हमास", मतलब नमस्ते और अलविदा। दोनों में से तुम चुन सकते हो। सभी बंधकों को अभी रिहा करो, बाद में नहीं, और जिन लोगों की तुमने हत्या की है, उनके शवों को तुरंत लौटा दो। अगर ऐसा नहीं किया तो तुम्हारा खेल खत्म हो जाएगा। सिर्फ सनकी लोग ही शवों को रखते हैं, और तुम सभी सनकी हो। इज़रायल को तुम्हारा खेल खत्म करने के लिए जो भी मदद चाहिए, मैं वो दूंगा। अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी, तो हमास का खात्मा हो जाएगा और एक भी सदस्य सुरक्षित नहीं रहेगा। मैं रिहा किए गए पूर्व बंधकों से मिला हूं, जिनकी ज़िंदगी तुमने बर्बाद कर दी है। यह तुम्हारे लिए आखिरी चेतावनी है। तुम्हारे लिए अब गाज़ा छोड़ने का समय आ गया है और अभी तुम्हारे पास ऐसा करने का मौका है। गाज़ा के लोगों के लिए मैं यह कहना चाहूंगा कि एक सुंदर भविष्य आपका इंतज़ार कर रहा है, लेकिन अगर आप बंधकों को बंदी बनाकर रखेंगे तो ऐसा नहीं होगा। अगर आप लोग ऐसा करेंगे, तो आप मारे जाएंगे। समझदारी से फैसला लें। बंधकों को अभी रिहा करो, नहीं तो बाद में बाद में इसके बुरे परिणाम भुगतने पड़ेंगे।"
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में हमास को गाज़ा छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया है। इसके लिए अमेरिका की अब हमास से सीधे बात हो रही है। 28 साल बाद दोनों पक्षों में पहली बार सीधी बात हो रही है। ऐसे में हमास पर भी दबाव बढ़ेगा।
ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह साफ कर दिया है कि वह इज़रायल को हर संभव सैन्य मदद देंगे। इससे इज़रायल की ताकत बढ़ेगी और हमास का तनाव बढ़ेगा।
अगर हमास ने ट्रंप की बात नहीं मानी, तो गाज़ा में फिर से घमासान छिड़ सकता है। इतना ही नहीं, इस बार अमेरिकी सैनिक भी इस युद्ध में इज़रायली सैनिक की मदद कर सकते हैं।
इज़रायल के खिलाफ युद्ध में हमास के 14 हज़ार से ज़्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। इनमें हमास चीफ याह्या सिनवार (Yahya Sinwar), पॉलिटिकल चीफ इस्माइल हनियेह (Ismail Haniyeh), हमजास की मिलिट्री विंग कास्सम ब्रिगेड के चीफ कमांडर मोहम्मद दाइफ (Mohammed Deif) और दूसरे कई बड़े हमास आतंकी शामिल हैं।
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