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Iran War: ईरान से जंग पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- ‘कोई पछतावा नहीं’; परमाणु हथियार को लेकर फिर दी चेतावनी

Strait of Hormuz: ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि मौका दोबारा मिले तो भी वह वही कदम उठाएंगे। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उनकी टिप्पणी ने भी क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बहस तेज कर दी है।
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Updated: 11 Sep 2026, 10:02 AM IST
Trump Iran Sanctions Relief
Trump Iran Sanctions Relief ईरान को राहत देने की खबर पर ट्रंप का पलटवार, बोले- ‘कुछ नहीं दिया’ (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Donald Trump Iran War No Regret: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और युद्ध शुरू करने के फैसले पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है। ट्रंप का दावा है कि तेहरान उन्हें सत्ता से हटाने की हरसंभव कोशिश कर रहा है, क्योंकि उसे लगता है कि डेमोक्रेटिक नेतृत्व परमाणु कार्यक्रम पर नरमी बरत सकता है।

Iran War: सैन्य कार्रवाई और आत्ममंथन से इनकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर किसी भी तरह के आत्ममंथन से इनकार किया है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि यदि उन्हें फिर वही परिस्थितियां मिलें तो वह बिल्कुल उसी तरीके से कार्रवाई करेंगे।

ट्रंप के मुताबिक, ईरान का नेतृत्व उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाने की कोशिश में लगा है। उनका दावा है कि इसके पीछे यह सोच है कि डेमोक्रेट्स के सत्ता में आने पर तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने की छूट मिल सकती है। ट्रंप ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकेगा।

परमाणु क्षमता खत्म करने और इजरायल-अमेरिका पर मंडराता खतरा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सैन्य अभियान को ईरान की परमाणु क्षमता खत्म करने की कार्रवाई के तौर पर पेश किया। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर तेहरान के पास परमाणु हथियार आ जाता, तो इसका इस्तेमाल होने की आशंका बेहद गंभीर होती। ट्रंप ने दावा किया कि ऐसी स्थिति में इजरायल, मध्य पूर्व और यहां तक कि अमेरिका के कुछ शहर भी निशाने पर आ सकते थे।

शेयर बाजार की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें

ट्रंप ने बातचीत के दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था और बाजार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में शेयर बाजार कई बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है और मौजूदा संघर्ष के दौरान भी बाजार मजबूत बना हुआ है। हालांकि, इसी समय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नई चिंता पैदा कर दी है। मध्य पूर्व में सैन्य तनाव बढ़ने पर ऊर्जा आपूर्ति और परिवहन लागत पर सीधा असर पड़ सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम में होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे अहम रणनीतिक बिंदुओं में से एक है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह संकरा समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां किसी भी लंबे व्यवधान से तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है और एशिया समेत दुनिया के कई हिस्सों में महंगाई का जोखिम पैदा हो सकता है।

'ट्रंप स्ट्रेट' का सुझाव और संघर्ष में बढ़त का दावा

ट्रंप ने हाल में इस रणनीतिक जलमार्ग का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' करने की बात भी कही थी। उन्होंने दावा किया कि ईरान का नेतृत्व इस कदम से खुश नहीं होगा। साथ ही उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के एक कार्यक्रम में अमेरिका को ईरान के साथ संघर्ष में बढ़त हासिल होने का दावा किया।

Updated on:
11 Sep 2026, 10:02 AM IST
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