
मसूद पेज़ेशकियान (Photo - ANI)
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच अभी भी शांति नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) देश में मिडटर्म चुनाव के बाद फिर से ईरान पर हमले शुरू कर सकते हैं। ट्रंप ने इस पर अभी तक फाइनल फैसला नहीं लिया है, लेकिन उनकी सेना ने साफ कर दिया है कि ट्रंप के आदेश के 96 घंटे के भीतर वो ईरान पर फिर से हमले शुरू कर सकती है। वहीँ ईरान की सेना भी खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट पर है और हर परिस्थिति के लिए तैयारी कर रही है। इसी बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने एक बड़ी बात कह दी है।
ईरान में आज हुई कैबिनेट मीटिंग में बोलते हुए ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने कहा, "ईरान 'न युद्ध, न शांति' वाली स्थिति से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने इस संबंध में एक निर्देश जारी किया है और सरकार इसे लागू करने के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करेगी।"
ईरान इस समय 'न युद्ध, न शांति' वाली स्थिति में फंसा हुआ है। फरवरी 2026 से अमेरिका और इज़रायल के साथ शुरू हुए युद्ध के बाद कुछ समय के लिए सीज़फायर लागू हुआ, लेकिन बाद में अमेरिका और ईरान के बीच फिर युद्ध शुरू हो गया। ऐसे में ईरान के लिए पूर्ण युद्ध और स्थायी शांति दोनों से दूर एक गतिरोध बना हुआ है। अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी और आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल बनाया हुआ है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो रहा है। दोनों पक्ष बड़े पैमाने के युद्ध से बच रहे हैं, लेकिन शांति-वार्ताएं बार-बार विफल हो रही हैं क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे की शर्तों पर सहमति नहीं जता रहे हैं। ईरान को इस स्थिति से काफी नुकसान हो रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था और कई अहम योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। यह स्थिति क्षेत्रीय तनाव, आर्थिक संकट और वैश्विक अनिश्चितता बढ़ा रही है। ऐसे में ईरान जल्द से जल्द इससे निकलना चाहता है।
Updated on:
28 Oct 2026, 7:51 PM IST
Published on:
28 Oct 2026, 7:43 PM IST
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