28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इजराइल की जासूसी कंपनी ने 100 से ज्यादा देशों में स्टारलिंक यूजर्स को बनाया निशाना, चौंका देंगे इरादे

इजराइली कंपनी Discover-Tech पर 100 से ज्यादा देशों में Starlink यूजर्स की लोकेशन और ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने का आरोप लगा है। जानें पूरा मामला।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Mukul Kumar

•

Updated: 28 Oct 2026, 5:30 PM IST

Starlink

Starlink और एलान मस्क। (फाइल फोटो- ANI)

दुनिया के मशहूर बिजनेसमैन एलान मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी 'Starlink' का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को निशाना बनाने की खबर बनाने आई है।

खबर है कि दुनिया के 100 से अधिक देशों में स्टारलिंक यूजर्स की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। एक इजराइली विज्ञापन तकनीक कंपनी Discover-Tech पर यह आरोप लगा है।

क्या है मामला?

डिस्कवर-टेक पर आरोप है कि उसने डिजिटल विज्ञापनों के जरिए स्टरलिंक यूजर्स की लोकेशन पता करने और उनकी निगरानी करने की कोशिश की। साइबर सुरक्षा से जुड़े शोधकर्ताओं के मुताबिक, कंपनी 100 से ज्यादा देशों में स्टारलिंक यूजर्स को दिखाए जाने वाले विज्ञापनों की बोली लगाने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल थी।

कंपनी अब तक चुप

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गतिविधि के संकेत उन देशों में भी मिले, जहां Starlink की सेवाओं पर प्रतिबंध है या उनका इस्तेमाल सीमित है। हालांकि, कंपनी पर लगे आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। डिस्कवर-टेक और उसके सीईओ ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।

कैसे हुआ खुलासा?

जापान की साइबर सुरक्षा कंपनी Trend Micro की इकाई TrendAI के शोधकर्ताओं ने डिजिटल विज्ञापनों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया। छह मामले से परिचित लोगों के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने पाया कि डिस्कवर-टेक, स्टारलिंक यूजर्स को दिखाए जाने वाले विज्ञापनों के लिए बड़े पैमाने पर बोली लगा रही थी।

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी 100 से ज्यादा देशों में स्टारलिंक ट्रैफिक पर विज्ञापन खरीदने के मामले में पहले स्थान पर थी। शोधकर्ताओं को संदेह था कि यह गतिविधि सामान्य कारोबार के बजाय लोगों की लोकेशन और दूसरी जानकारियां जुटाने के लिए की जा रही थी।

TrendAI ने 15 अक्टूबर को इस बारे में रिपोर्ट जारी की थी। हालांकि, रिपोर्ट में कंपनी का नाम नहीं बताया गया। उसमें संदिग्ध इकाई को 'Shadow-Earth-79' नाम दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, यह डिस्कवर-टेक के लिए इस्तेमाल किया गया कोड नाम था।

विज्ञापनों से कैसे हो सकती है जासूसी?

ऑनलाइन विज्ञापनों की खरीद के लिए कंपनियां एक नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेती हैं। इस दौरान यूजर्स के इंटरनेट इस्तेमाल से जुड़ी कुछ जानकारियां विज्ञापन खरीदने वाली कंपनियों तक पहुंच सकती हैं।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई कंपनी लगातार इस तरह का डेटा जुटाती है और उसे दूसरी जानकारियों से जोड़ती है, तो वह किसी यूजर की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर सकती है। कुछ मामलों में ऐसी जानकारी का इस्तेमाल निगरानी से जुड़े सॉफ्टवेयर के जरिए लोगों को निशाना बनाने के लिए भी किया जा सकता है।

कनाडा की साइबर निगरानी संस्था सिटीजन लैब और अमेरिकी विज्ञापन तकनीक कंपनी Confiant ने भी 15 अक्टूबर को डिस्कवर-टेक का नाम लेते हुए उस पर विज्ञापन नीलामी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।

सीरिया, यमन और दक्षिण सूडान में भी संदिग्ध गतिविधि

TrendAI की रिपोर्ट में कहा गया कि Shadow-Earth-79 सीरिया, लीबिया, यमन और दक्षिण सूडान में विज्ञापन खरीदने वाली सबसे बड़ी यूनिट थी। वहीं, अफगानिस्तान में यह दूसरे स्थान पर थी।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन देशों में पश्चिमी कंपनियों के सामान्य विज्ञापनों की मांग बेहद कम होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में विज्ञापन खरीदना संदेह पैदा करता है। हंगरी, इजराइल, मिस्र, अजरबैजान और वेनेजुएला में भी कंपनी की असामान्य रूप से मजबूत मौजूदगी देखी गई।

पांच सूत्रों के अनुसार, शोधकर्ताओं ने शुरुआत में रिपोर्ट में डिस्कवर-टेक का नाम शामिल करने पर विचार किया था। लेकिन कंपनी का नाम सार्वजनिक करने से जुड़े कानूनी जोखिमों को लेकर अधिकारियों की चिंता के बाद यह फैसला बदल दिया गया।

Google समेत कई कंपनियों ने हटाया

जांच सामने आने के बाद Google, Comcast और कुछ अन्य कंपनियों ने Discover-Tech को अपने विज्ञापन प्लेटफॉर्म से हटाने की बात कही। एक बड़ी अमेरिकी टेक कंपनी और एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने भी अपने कर्मचारियों को निशाना बनाए जाने की आशंका पर आंतरिक जांच शुरू की है।

#pakistanafghanistanwarमें अब तक