
सुप्रीम कोर्ट का दृष्य (फोटो- ANI)
Bhopal News : 21 साल से अटके मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मास्टर प्लान के नए ड्राफ्ट के प्रकाशन का रास्ता मंगलवार को खुल गया है। रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों और सीलिंग से जुड़े मामले को लेकर हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी करने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, फाइनल मास्टर प्लान जारी करने से पहले सुप्रीम कोर्ट को इसकी जानकारी देनी होगी। न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद मास्टर प्लान का फाइनल प्रकाशन होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सीलिंग की कार्रवाई में लापरवाही की शिकायतों पर नाराजगी जताई है, साथ ही आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए है। सील किए गए प्रतिष्ठानों के सुबह बंद और शाम को दोबारा खुलने की शिकायतों पर भी कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई से पहले रहवासियों की ओर से ऐसी 9 शिकायतें पैश हुई थीं। इसके बाद कोर्ट ने नगर निगम को सीलिंग की कार्रवाई प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए। इस मामले में अब नई कमेटी गठित नहीं की जाएगी।
भोपाल में फिलहाल साल 2005 के मास्टर प्लान के आधार पर विकास गतिविधियां चल रही हैं। करीब 21 साल से नया मास्टर प्लान लागू नहीं हो सका। 5 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने रिहायशी इलाकों में चल रहे प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए थे। सूचीबद्ध 62,500 प्रतिष्ठानों में से 8,084 को नोटिस दिए गए और इसके बाद 190 प्रतिष्ठानों को तीन दिन तक बंद कराया गया था। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। तबतक नगर निगम और सरकार को अपनी रिपोर्ट भी पेश करनी है।
इसे पहले भोपाल मास्टर प्लान का खाका पहले ही तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसी माह आदेश दिए थे कि मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने से पहले भोपाल के स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सलाह, सुझाव जरूर लिए जाएं। नए मास्टर प्लान के बारे में बताया जा रहा है कि यह प्लान भविष्य की दूरगामी सोच के साथ तैयार किया गया है। इसमें वर्ष 2047 तक भोपाल की अनुमानित आबादी, यातायात व्यवस्था, नए आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
हाल ही में भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा हाल ही में 24 घंटे का उपवास कर चुके हैं। उनका कहना था कि 1995 के बाद आज तक मास्टर प्लान नहीं मिला। 2021 में मास्टर प्लान तैयार था, आवासी, व्यवसायी, टाउन प्लानर्स और अन्य सभी हितधारकों से चर्चा भी हो चुकी थी, फिर भी भाजपा सरकार ने इसे जारी नहीं किया। सरकार की आपसी खींचतान का खामियाजा भोपाल की जनता भुगत रही है।
Updated on:
22 Sept 2026 07:21 pm
Published on:
22 Sept 2026 07:21 pm
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