
अमेरिका (United States Of America) में हुए राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Elections) में रिपब्लिक पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बड़ी जीत हासिल करते हुए व्हाइट हाउस में अपनी वापसी के टिकट पर मुहर लगा दी है। ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बनेंगे और 20 जनवरी, 2025 को एक बार फिर राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। ट्रंप की जीत से उनके परिवार और समर्थक काफी खुश हैं। कई देशों के नेता भी ट्रंप को बधाई दे रहे हैं। ट्रंप की इस जीत से कई देशों की एक-दूसरे से स्थिति पर फर्क पड़ेगा, जिनमें इज़रायल (Israel) और ईरान (Iran) भी शामिल है।
ट्रंप की जीत से ईरान की चिंता बढ़ सकती है। अमेरिका और ईरान में काफी समय से ही अच्छे संबंध नहीं रहे हैं। अमेरिका ने तो ईरान पर कई प्रतिबंध भी लगा रखे हैं। ट्रंप तो वैसे ही ईरान विरोधी हैं और उनके एक बार फिर से अमेरिका का राष्ट्रपति बनने से इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि वह ईरान पर और भी प्रतिबंध लगा सकते हैं। साथ ही मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना और हथियारों की तैनाती भी बढ़ सकती है। अगर ईरान की तरफ से इज़रायल पर फिर से हमला किया जाता है, तो अमेरिका भी इज़रायल की मदद के लिए मैदान में आ सकता है। इससे ईरान की चिंता बढ़ सकती है।
ईरान के विपरीत इज़रायल से अमेरिका के काफी अच्छे संबंध हैं। हमास और हिज़बुल्लाह के खिलाफ चल रही जंग में अमेरिका ने शुरू से इज़रायल का समर्थन किया है। ट्रंप खुद भी इज़रायल समर्थक हैं और ऐसे में यह संभव है कि इज़रायल को अपनी सैन्य कार्रवाई के लिए ज़रूरी मदद मिलती रहेगी। जिस वजह से ईरान की चिंता बढ़ेगी, उसी वजह से इज़रायल को को राहत मिलेगी और साथ ही अपनी सैन्य कार्रवाई के लिए इज़रायल को अमेरिका की तरफ से मदद भी मिलती रहेगी।
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