
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फाइल फोटो : IANS )
Donald Trump to Purchase Patriot Interceptors and Ballistic Missiles: अमेरिका ने ईरान और दूसरे संघर्षों में हथियारों का खूब इस्तेमाल किया तो उसके पास हथियारों की कमी हो गई है। यह अपने आप में बहुत हास्यास्पद बात हो गई है। क्यों कि अमेरिका को दुनिया में सबसे बड़ा हथियार निर्माता और सप्लायर देश के रूप में जाना जाता है और पेंटागन इस बात पर गर्व भी करता है, लेकिन मौजूदा हालात ऐसे हैं कि उसके पास हथियारों का स्टॉक कम हो गया है। ऐसी जानकारी मिली है कि अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप हथियारों के व्हाइट हाउस में हथियारों के निर्माताओं से मिल कर नये हथियार खरीदने के लिए उनसे बात करेंगे।
समझौतों के तहत लॉकहीड मार्टिन के साथ पैट्रियट इंटरसेप्टर के उत्पादन को तीन गुना और बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने के लिए इस्तेमाल होने वाले थाड इंटरसेप्टर के उत्पादन को चार गुना करने का समझौता शामिल है। आरटीएक्स के साथ अलग-अलग बहुवर्षीय समझौतों का उद्देश्य टोमाहॉक क्रूज मिसाइलों और अमराम हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के उत्पादन को बढ़ाना है। इन समझौतों को 'ढांचागत समझौतों' के रूप में घोषित किया गया है, लेकिन इन्हें अभी तक अनुबंधों में परिवर्तित नहीं किया गया है।
इधर ट्रंप का प्रशासन भी हथियारों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा है, क्योंकि ईरान के साथ युद्ध और दूसरे संघर्षों के कारण अमेरिका के पास हथियारों का भंडार पहले ही कम हो गया है। गौरतलब है कि अमेरिका ने अपने सहयोगियों को भारी मात्रा में हथियार सप्लाई किए हैं और खुद भी बहुत सारे हथियार इस्तेमाल किए हैं। इससे अहम एयर-डिफेंस और सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों मसलन प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों के स्टॉक को लेकर चिंता बढ़ गई है।
व्हाइट हाउस में बुधवार को हथियारों का उत्पादन बढ़ाने पर केंद्रित बड़ी डिफेंस कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों के साथ दूसरी बैठक होने वाली है। ध्यान रहे कि मार्च में हुई बैठक में बीएई सिस्टम्स, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्रॉप ग्रुमन, आरटीएक्स कॉर्प, बोइंग, हनीवेल एयरोस्पेस और एल 3 हैरिस टेक्नोलॉजीज के सीईओ, डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ सहित कई अधिकारी शामिल हुए थे।
अहम बात यह है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पेंटागन के अधिकारी कॉन्ट्रैक्टर्स पर दबाव डाल रहे हैं कि वे इस साल की शुरुआत में हुए शुरुआती प्रोडक्शन समझौतों पर तेजी से काम करें। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच एयर-डिफेंस सिस्टम की मांग तेजी से बढ़ी है।
रक्षा उद्योग के पांच अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर समझौतों का स्वागत किया, लेकिन कहा कि कंपनियों द्वारा घटकों और उत्पादन क्षमता में अधिक निवेश करने से पहले कांग्रेस को पहले धनराशि आवंटित करनी होगी। उन्होंने कहा कि समझौतों के तहत सरकारी भुगतान प्राप्त होने से पहले निवेश करने से मुक्त नकदी प्रवाह पर दबाव पड़ेगा और दूसरी छमाही की कमाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि प्रशासन ने रक्षा ठेकेदारों पर शेयरधारकों को भुगतान करने के बजाय उत्पादन को प्राथमिकता देने के लिए लगातार दबाव बढ़ाया है। ट्रंप ने जनवरी में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें उन ठेकेदारों की पहचान करने का प्रावधान था जो सरकारी अनुबंधों में खराब प्रदर्शन कर रहे थे और शेयरधारकों को मुनाफा बांटना जारी रखे हुए थे।ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी की रक्षा व्यवसाय इकाई और लॉकहीड ने कहा है कि अतिरिक्त उत्पादन क्षमता की बढ़ती मांग के कारण अमेरिकी रक्षा विभाग ने दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी को सुविधाजनक बनाने में मदद की।
Published on:
24 Jun 2026 06:36 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
US Israel Iran War
