
Flavio Bolsonaro True President-Elect: ब्राजील की राजनीति में सत्ता और लोकतंत्र को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे और सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाते हुए खुद को देश का ‘असली राष्ट्रपति-निर्वाचित’ घोषित कर दिया है। अमेरिका पहुंच चुके फ्लावियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के समर्थन का जिक्र करते हुए विदेश से विपक्षी आंदोलन चलाने का ऐलान किया है। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है।
नई दिल्ली/ब्रासीलिया। ब्राजील के सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की दोबारा जीत को चुनौती देते हुए चुनाव में कथित धांधली का आरोप लगाया है। बुधवार को जारी अपने विस्तृत बयान में उन्होंने कहा कि उनका ब्राजील छोड़ना राजनीतिक संघर्ष से पीछे हटना नहीं, बल्कि देश के हित में उठाया गया कदम है। उनके मुताबिक, देश में राजनीतिक उत्पीड़न बढ़ रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर दबाव डाला जा रहा है।
फ्लावियो अपने परिवार के साथ अमेरिका पहुंच चुके हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई का आभार जताते हुए कहा कि अमेरिका में उनके परिवार को वह कानूनी सुरक्षा मिल सकती है, जो उनके अनुसार ब्राजील में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विदेश में रहते हुए वह अपने राजनीतिक समर्थकों और विपक्षी नेताओं के साथ सक्रिय रहेंगे।
फ्लावियो ने चुनाव के पहले और दूसरे दौर के बीच लूला को मिले वोटों में कथित असामान्य बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया। उनका दावा है कि दूसरे दौर में लूला को 10 मिलियन यानी एक करोड़ से अधिक अतिरिक्त वोट मिले, जिसे उन्होंने गणितीय रूप से असंभव बताया। उन्होंने कुछ मतदान केंद्रों पर मतदान का समय बढ़ाने के फैसले पर भी सवाल उठाए।
सीनेटर ने न्यायिक अधिकारियों पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कथित चुनावी अनियमितताओं के आधार पर लूला और उनके उपराष्ट्रपति गेराल्डो अल्कमिन के चुनावी गठबंधन का परिणाम रद्द किया जाना चाहिए।
हालांकि, फ्लावियो ने अपने बयान में ऐसे ठोस सबूत पेश नहीं किए, जिनसे चुनावी धांधली के आरोप प्रमाणित हों। उनकी पार्टी लिबरल पार्टी (पीएल) पहले ही आधिकारिक चुनाव परिणाम को स्वीकार कर चुकी है और संबंधित मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा की वकालत कर चुकी है।
फ्लावियो के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव को ‘बहुत अजीब’ बताया। हालांकि, उन्होंने फ्लावियो को वैध राष्ट्रपति-निर्वाचित मानने से इनकार करते हुए कहा कि वह इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते और इसमें शामिल नहीं होंगे।
ट्रंप की प्रतिक्रिया इसलिए अहम है, क्योंकि फ्लावियो ने अमेरिकी समर्थन को अपने राजनीतिक अभियान के लिए महत्वपूर्ण बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल तो उठाती है, लेकिन इससे फ्लावियो के राष्ट्रपति पद संबंधी दावे को आधिकारिक मान्यता नहीं मिलती।
फ्लावियो ने ब्राजील के सुप्रीम फेडरल कोर्ट पर अपने और अपने पिता जायर बोल्सोनारो के खिलाफ राजनीतिक उत्पीड़न का अभियान चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने आशंका जताई कि उनके खिलाफ कार्रवाई पासपोर्ट जब्त करने से लेकर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, सेंसरशिप, नजरबंदी और राजनीतिक रूप से प्रेरित दोषसिद्धि तक बढ़ सकती है। उन्होंने किसी अपराध में शामिल होने से इनकार किया।
अपने समर्थक सांसदों और गवर्नरों को संबोधित करते हुए फ्लावियो ने कहा कि वह अमेरिका से विपक्ष का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने सीनेटर रोजेरियो मारिन्हो को सीनेट के अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार भी घोषित किया। उनके अनुसार, आगे की रणनीति शांतिपूर्ण और वैध राजनीतिक तरीकों से विरोध को संगठित करने पर केंद्रित होगी।