29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘मेरे समर्थन से पलटी बाजी’, इजरायल चुनाव में नेतन्याहू की वापसी पर ट्रंप का दावा

ट्रंप नेतन्याहू को इजरायल चुनाव में मिली बढ़त का श्रेय खुद को दे रहे हैं। जानिए गठबंधन वार्ता पर उनका बयान और व्हाइट हाउस की सफाई।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Pushpankar Piyush

•

Updated: 29 Oct 2026, 7:48 AM IST

Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रदर्शन का श्रेय खुद को दिया। उन्होंने दावा किया कि उनके सार्वजनिक समर्थन से पीएम नेतन्याहू की स्थिति मजबूत हुई है। ट्रंप ने कहा कि वे इजरायल में राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की कोशिशों में शामिल होने पर भी सोच रहे हैं। मीडिया चैनल एक्सिओस से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि आंशिक नतीजों में नेतन्याहू का गुट विपक्ष से आगे चल रहा है और वे अच्छी स्थिति में हैं, हालांकि किसी भी पक्ष को संसद में स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा। ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैंने सुना है कि मेरे समर्थन से बीबी को बड़ा फर्क पड़ा।

व्हाइट हाउस ने दी अलग सफाई

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के तुरंत बाद एक अमेरिकी अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इजरायल से बातचीत में कहा कि व्हाइट हाउस ने अभी तय नहीं किया है कि वह गठबंधन वार्ता में दखल देगा या नहीं। अधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि वॉशिंगटन किसी खास गठबंधन व्यवस्था को तरजीह देता है। उन्होंने कहा कि वोटों की गिनती अभी भी जारी है।

ट्रंप का समर्थन और Truth Social पोस्ट

मतदान से पहले ट्रंप ने नेतन्याहू को अपना समर्थन दिया था और इजरायली मतदाताओं से प्रधानमंत्री के पक्ष में वोट करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों को चल रही सुरक्षा पहलों को पूरा करना होगा।

ट्रंप ने Truth Social पर भी अपने समर्थन की तारीफ करते हुए दावा किया कि इससे चुनावी तस्वीर बदल गई और नेतन्याहू की संभावित हार जीत या बराबरी की स्थिति में बदल गई। उन्होंने लिखा कि जब राष्ट्रपति ट्रंप ने बीबी नेतन्याहू का समर्थन किया, तो पूरी हवा पलट गई। उन्होंने कहा कि अंतिम आंकड़े अब एक बड़ी वापसी जैसे दिख रहे हैं, जिसका नतीजा गतिरोध या नेतन्याहू की जीत हो सकता है।

गौरतलब बात यह है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लगातार ट्रंप के साथ अपने मजबूत गठबंधन पर जोर देते रहे हैं। वे अमेरिकी राष्ट्रपति को क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों, खासकर ईरान से उपजे खतरों से निपटने में अहम सहयोगी बताते हैं।

अब तक की गिनती: कांटे की टक्कर

इजरायल की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के आंशिक आंकड़ों के अनुसार, नेतन्याहू समर्थक गुट के पास 53 सीटें थीं, जबकि विरोधी गुट के पास 48 सीटें। यह आंकड़ा 97.5 प्रतिशत मतपेटियों में से 90 प्रतिशत वोटों की गिनती पर आधारित है। कई दल 3.25 प्रतिशत की न्यूनतम चुनावी सीमा से नीचे चल रहे हैं। इनमें रिजर्विस्ट्स 2.6 प्रतिशत, पीपल ऑफ इजरायल 1.6 प्रतिशत और चारेदी पब्लिक गुट 0.2 प्रतिशत पर हैं।

चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये नतीजे केवल आंशिक हैं और गिनती आगे बढ़ने के साथ बदलते रहेंगे। टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, डबल एनवेलप में डाले गए वोट, जिनमें सक्रिय सैनिकों के मतपत्र भी शामिल हैं, परंपरागत रूप से गिनती के आखिरी चरण में गिने जाते हैं। इसलिए संसद की अंतिम तस्वीर बदल सकती है।