बलूचिस्तान में करीब एक दर्जन स्थानों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है।
भारत ने रविवार को बलूचिस्तान में हुए सिलसिलेवार हमलों को लेकर पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि इस तरह के आरोप पाकिस्तान की अपनी आंतरिक विफलताओं से ध्यान भटकाने की पुरानी रणनीति का हिस्सा हैं।
बलूचिस्तान में करीब एक दर्जन स्थानों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। इसके बावजूद पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने आरोप लगाया कि इन समन्वित हमलों के पीछे भारत का हाथ है। वहीं पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ने इन हमलों को “इंडियन स्पॉन्सर्ड फिटना अल हिंदुस्तान” करार दिया—यह शब्द सेना BLA के लिए इस्तेमाल करती है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम पाकिस्तान द्वारा लगाए गए इन बेबुनियाद आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं। यह उसकी वही पुरानी रणनीति है, जिसके जरिए वह अपनी आंतरिक नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश करता है।”
उन्होंने आगे कहा, “हर हिंसक घटना के बाद इस तरह के फिजूल दावों को दोहराने के बजाय, पाकिस्तान को बलूचिस्तान के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर ध्यान देना चाहिए।”
जायसवाल ने खास तौर पर अधिक स्वायत्तता और प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों (गैस और खनिज) पर स्थानीय लोगों के अधिकार की मांगों का जिक्र किया।
भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान का “दमन, अत्याचार और मानवाधिकार उल्लंघनों का रिकॉर्ड जगजाहिर है।”
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, क्वेटा (प्रांतीय राजधानी) और ग्वादर (बंदरगाह शहर) सहित कई शहरों को निशाना बनाकर किए गए इन हमलों में 18 नागरिक और 15 सैनिकों की मौत हुई। हमलों में आत्मघाती हमलावरों और BLA की महिला लड़ाकों के शामिल होने की बात भी कही गई है। पाकिस्तान की सेना का दावा है कि अलग-अलग अभियानों में उसने 133 आतंकवादियों को मार गिराया है।
क्वेटा में देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोहसिन नकवी ने कहा, “इन हमलों के पीछे भारत है। मैं यकीन से कह सकता हूं कि भारत ने इन आतंकियों के साथ मिलकर इन हमलों की योजना बनाई।”