Iran Attacks US Airbase: ईरान ने फिर अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला कर दिया है। कुवैत में स्थित अमेरिका के एयरबेस पर ईरानी सेना ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागी है।
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच डील अभी तक फाइनल नहीं हुई है। हालांकि बातचीत आखिरी चरण में है और जल्द ही दोनों देशों के बीच डील होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी बीच ईरान ने एक बार फिर अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला कर दिया है। ईरानी सेना ने कुवैत (Kuwait) में स्थित अली अल सलेम एयरबेस (Ali Al-Salem Airbase) पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी है।
ईरानी हमले में 5 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल नहीं हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान के हमले में अली अल सलेम एयरबेस पर स्थित अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन को भी नुकसान पहुंचा है। कुछ दिन पहले भी ईरान ने अमेरिका के इसी ड्रोन को मार गिराया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि MQ-9 Reaper अमेरिका का सबसे खतरनाक कॉम्बैट ड्रोन है। एक बेस यूनिट की कीमत करीब 30-34 मिलियन डॉलर है। यह खतरनाक इसलिए है क्योंकि यह 27 घंटे तक लगातार उड़ सकता है, 50,000 फीट ऊंचाई पर रहकर दुश्मन की नजर से बच सकता है और इसमें हेलफायर मिसाइलें, लेज़र गाइडेड बम और एडवांस सेंसर लगे होते हैं, जो दिन-रात निगरानी कर सटीक हमला कर सकते हैं। यह ड्रोन दूर से आतंकियों या अन्य किसी टारगेट को मारने में बहुत उपयोगी होते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच अभी तक डील पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। ऐसे में ईरान के इस हमले से दोनों देशों में तनाव बढ़ सकता है। अमेरिका की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अमेरिका भी ईरान के इस हमले का जवाब दे सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो दोनों देशों के बीच चल रहा सीज़फायर खतरे में पड़ सकता है।
कुवैत में अमेरिका का अहम अली अल सलेम एयरबेस हैं जहाँ करीब 13,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने इस एयरबेस का ईरान के खिलाफ इस्तेमाल किया था। इसी वजह से ईरान ने इस एयरबेस पर हमला किया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुवैत मिडिल ईस्ट में अमेरिका का अहम सहयोगी देश है।