
इज़रायल (Israel) और ईरान (Iran) के बीच चल रहा युद्ध सिर्फ हथियारों से ही नहीं, बल्कि रणनीति से भी लड़ा जा रहा है। आज इस युद्ध का 11वां दिन है और दोनों देश एक-दूसरे पर बैक-टू-बैक हमले कर रहे हैं। ईरान में इज़रायली हमलों के अलावा अमेरिकी हमले से भी काफी तबाही मच चुकी है। जान-माल का काफी नुकसान हुआ है, तो दूसरी तरफ इज़रायल में ईरान की तुलना में कम, लेकिन नुकसान ज़रूर हुआ है। इज़रायल इस युद्ध में खुफिया एजेंसी का भी जमकर इस्तेमाल कर रहा है, जिसका उसे फायदा भी हो रहा है। इज़रायल के कई जासूस ईरान में हैं, जो ईरान की खुफिया जानकारी इज़रायल तक पहुंचा रहे हैं। ऐसा ही करते हुए ईरान में एक शख्स पकड़ा गया।
मोहम्मद अमीन महदवी शायस्तेह (Mohammad Amin Mahdavi Shayesteh) नाम का शख्स ईरान में रहते हुए इज़रायल के लिए जासूसी का काम कर रहा था। वह ईरान की खुफिया जानकारी लीक करते हुए इज़रायल की मदद कर रहा था, लेकिन ऐसा करते हुए पकड़ा गया। शायस्तेह का कनेक्शन न सिर्फ इज़रायली खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) से, बल्कि इंग्लैंड (England) के शहर लंदन (London) बेस्ड ईरान इंटरनेशनल (Iran International) मीडिया चैनल से भी बताया जा रहा था, जो लंदन से ईरानी सरकार की खिलाफत करता है।
इज़रायल के लिए जासूसी करने के जुर्म में ईरान ने शायस्तेह को सज़ा-ए-मौत दी है। उसे सोमवार, 23 जून की सुबह फांसी दे दी गई है।
मोसाद और शिन बेट (Shin Bet), दो मुख्य इज़रायली खुफिया एजेंसियाँ हैं। ईरान ही नहीं, गाज़ा (Gaza) में हमास (Hamas) के खिलाफ और लेबनान (Lebanon) में हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के खिलाफ जंग में भी मोसाद और शिन बेट की अहम भूमिका रही है।
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