
Iran Missile Attack: ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों से बड़ा हमला किया है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई खारग द्वीप और जास्क बंदरगाह के पास अमेरिका द्वारा ईरानी तेल टैंकरों पर किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में की गई है।
IRIB ने अरब मीडिया के हवाले से बताया कि ईरानी मिसाइलों के एक जत्थे ने जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी बेस को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। यह हमला उस वक्त हुआ जब क्षेत्रीय जलक्षेत्र में ईरानी समुद्री संपत्तियों पर अमेरिका के लगातार हमले जारी थे। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती हमला खारग द्वीप एंकरेज के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर हुआ, जहां से चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके कुछ ही देर बाद अमेरिकी सेना ने जास्क काउंटी के तटीय जलक्षेत्र में एक कमर्शियल जहाज पर भी हमला किया, वहीं इलाके में एक और धमाके की खबर भी सामने आई जिसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।
जवाबी कार्रवाई के तहत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने तुरंत एक कड़ी चेतावनी जारी की। IRGC ने बहरीन और कुवैत के बंदरगाहों पर मौजूद तेल टैंकरों के चालक दल को संबोधित करते हुए कहा कि वे तुरंत अपने जहाज छोड़ दें, चाहे वे लंगर डाले हों या बंदरगाह पर खड़े हों, क्योंकि अब उन्हें निशाना बनाया जाएगा। संगठन ने इसे अमेरिकी "आतंकवादी सेना" के अत्याचारों का जवाब बताया।
यह घटनाक्रम उसी हफ्ते हुआ है जब मंगलवार को IRGC नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर एक अमेरिकी मानवरहित सबमर्सिबल को पकड़ने का दावा किया था। IRIB के अनुसार, यह अत्याधुनिक अंडरवाटर वाहन 2025 में अमेरिकी बेड़े को सौंपा गया था और इसे "युद्ध की ट्रॉफी" के तौर पर जब्त किया गया।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिकी जीत के बाद तेल की कीमतें तेज़ी से गिरेंगी। अपने 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट में उन्होंने लिखा कि गैस की कीमतें तीन डॉलर से गिरकर दो डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे आ सकती हैं। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। फिलहाल रणनीतिक जलमार्गों और क्षेत्र में तनाव चरम पर बना हुआ है, क्योंकि दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं।