
Oman Muscat meeting: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान इस वक्त भारत में हैं। वह दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए इंडिया आए हैं।
इस बीच, राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि ईरान और खाड़ी के अरब देशों के अधिकारी सोमवार को ओमान की राजधानी मस्कट में मिलेंगे। इस दौरान वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होते हुए ईरान-ओमान शिपिंग रूट बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।
पेजेश्कियान ने एक इंटरव्यू में कहा- वह सोमवार को अरब देशों के विदेश मंत्री से मस्कट में मिलेंगे। वे हॉर्मुज स्ट्रेट में ओमान और ईरान के बीच एक साझा रूट बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे और इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन को इस समझौते के बारे में सूचित करेंगे।
पेजेश्कियान ने कहा- इस बैठक में वे देश भी शामिल होंगे जिनकी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका ने हमारे ख़िलाफ हमले करने के लिए किया था। उन्होंने साफ कहा कि जब अमेरिका अपनी नाकेबंदी और हमले बंद कर देगा, तब ईरान इस स्ट्रेट को फिर से खोल देगा।
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा- वे (अमेरका-इजराइल) युद्ध के जरिए अपने मकसद पूरे नहीं कर पाए, इसलिए उन्होंने आर्थिक दबाव का रास्ता अपनाया, लेकिन हम रुकेंगे नहीं। समुद्री रास्ते निश्चित रूप से ऐसी चीज नहीं हैं जिन पर हमारा अस्तित्व टिका हो और वे इस तरह से भी अपने मकसद पूरे नहीं कर पाएंगे।
खास बात यह है कि ब्रिक्स समिट के ठीक बाद ओमान में यह बैठक होने वाली है। ईरान-ओमान रूट बनने से दोनों देशों के बीच जहाजों का आना-जाना आसान होगा। इससे व्यापार बढ़ने की उम्मीद है।
लेकिन मुख्य बात यह है कि पूरा स्ट्रेट कब पूरी तरह खुलेगा, यह अमेरिका के रुख पर निर्भर करेगा। ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इलाके में तनाव पहले से ही ज्यादा है। मस्कट की बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं।
इस बीच, ईरान ने बार-बार कहा है कि वह अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा करेगा। समुदरी रास्तों पर निर्भर न रहने की बात करके उसने साफ संदेश दिया है कि दबाव की नीति काम नहीं करेगी।