
Nepal Flash Flood:नेपाल में बाढ़ के बाद भारी तबाही आई है। अब तक 587 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 1000 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच चीन ने एकबार फिर खतरे की चेतावनी भेजी है। चीन ने नेपाल को अलर्ट करते हुए कहा कि तिब्बत इलाके में बनी झील कभी भी फूट सकती है।
चीन ने नेपाल को बताया कि दो दिन पहले से बन रही झील का रंग लगातार गहरा होता जा रहा है। इसका अर्थ है कि यह फूट सकती है। चीन ने बताया कि पानी की मात्रा अधिक नहीं होने के कारण निचले तटीय इलाके की नदियों में पानी का बहाव बढ़ सकता है, हालांकि इसके बहुत अधिक बढ़ने की संभावना नहीं है। फिर भी एहतियात बरतना जरूरी है।
चीन से मिली जानकारी के अनुसार, ल्हेन्दे नदी के ऊपरी हिस्से में हिमचट्टान टूटने के कारण नदी का बहाव रुक गया है। जिस वजह से झील का निर्माण हुआ है। वहीं, चीन की ओर स्थित छोछेन और नेपाल की ओर स्थित पुरेपु नदी का संगम मलबे से आई बाढ़ के कारण अवरुद्ध हो गया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को बताया कि मदद और 11 सदस्यों वाली मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम के साथ तीसरी फ्लाइट नेपाल पहुंच गई है। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि भारत की मदद वाली तीसरी फ्लाइट काठमांडू पहुंच गई है। राहत का सामान और 11 सदस्यों वाली मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम अब वहां पहुंच चुकी है।
इस फ्लाइट में 10 टन मानवीय सहायता का सामान था, जिसमें पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाने के पैकेट और पानी साफ करने वाली गोलियां शामिल थीं। भारत ने गुरुवार को नेपाल को 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचडीएआर) का सामान, दवाएं और खाने के पैकेट की दूसरी खेप सौंपी, ताकि विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में हिमालयी देश की मदद की जा सके।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट किया कि भारत की ओर से मदद का हाथ। नेपाल में बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 37.5 टन एचएडीआर सामग्री, दवाओं और खाने के पैकेट की दूसरी खेप विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई। भारत नेपाल और वहां के लोगों के साथ खड़ा रहने के लिए प्रतिबद्ध है।
बुधवार को, भारत ने विनाशकारी बाढ़ से निपटने में हिमालयी देश की मदद के लिए 10 टन एचएडीआर सामग्री और जरूरी दवाएं नेपाल भेजीं। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बुधवार देर शाम नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को राहत सामग्री सौंपी। गुरुवार को, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और काठमांडू व बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ नेपाल में बाढ़ की विनाशकारी स्थिति पर समीक्षा बैठक की।