
नेपाल त्रासदी में रसुवा के तीन भाई लापता, तलाश में जुटी बहन, photo credit: AI
Nepal Flash Flood: नेपाल में आए जलप्रलय ने जमकर तबाही मचाई है। पानी के तेज बहाव में रसुवा जिले के कई लोग बह गए, जिनका कोई पता नहीं चल सका है। क्षेत्र के ग्रामीण बहाव में लापता हुए अपने परिवार के सदस्यों को तलाशने के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। एक नेपाली युवती स्वस्तिका श्रेष्ठ अपने तीन भाइयों को तलाश रही हैं, जिनका कोई पता नहीं चल सका है। श्रेष्ठ ने कहा, "मैं जानना चाहती हूं कि वे जिंदा हैं या मर चुके हैं। मुझे उनके शव दे दो। मुझे कोई जवाब तो दो।"
स्वस्तिका श्रेष्ठ अपने तीनों भाइयों की तलाश में लगातार दूसरे दिन अस्पताल के चक्कर काट रही हैं, जहां उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका है। अपने भाइयों की तलाश में वह ट्रॉमा सेंटर के हर एक कमरे की जांच कर चुकी हैं, लेकिन उनके तीनों भाइयों में से किसी की कोई खबर नहीं मिली है।
स्वस्तिका श्रेष्ठ ने बताया कि वह अपने भाइयों को तलाशते हुए ट्रॉमा सेंटर में बनी हेल्पडेस्क पर पहुंचीं। डेस्क पर तैनात एक कर्मचारी ने उन्हें तीन नाम बताए, लेकिन उनमें उनके भाइयों का नाम नहीं था। वह कहती हैं, "मैंने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया है, लेकिन कोई मुझे यह नहीं बता रहा है कि मेरे भाई कहां मिलेंगे। मेरे तीन भाई हैं और वे सभी लापता हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं, किससे मदद मांगूं। श्रेष्ठ उन हजारों नेपालियों में से एक हैं, जिन्होंने नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद अपने रिश्तेदारों को खोजने में दो दिन बिताए हैं। श्रेष्ठ के तीनों भाई हरि, कुमार और उज्ज्वल लॉरी ड्राइवर हैं, जो तिब्बत सीमा से काठमांडू तक कंटेनर पहुंचाते हैं। वे सोमवार को रसुवा के लिए निकले थे और गुरुवार को घर लौटने वाले थे। लेकिन इससे पहले ही जलप्रलय से क्षेत्र में कोहराम मच गया।
बुधवार की सुबह त्रिशूली और भोटेकोशी नदियों में पानी का तेज बहाव आया, जिसने रसुवा और नुवाकोट जिलों में नदी के किनारे बसे गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। शुक्रवार को 469 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, 1,500 लोगों को बचाया गया है और सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में लगभग 500 पर्यटक शामिल हैं, जिनमें से 33 ब्रिटिश हैं।
Updated on:
28 Aug 2026 09:06 pm
Published on:
28 Aug 2026 09:06 pm
