
नेपाल में बाढ़ के बाद रेस्क्यू अभियान तेज, पनबिजली प्रोजेक्ट से दो लोगों को बचाया, photo credit: AI
Nepal Army Rescue: नेपाल में अचानक आई बाढ़ से 469 लोगों की मौत हो गई है और 1,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाली सेना ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए हैं। हालांकि, बाढ़ के नए खतरे के अलर्ट के कारण बचाव कार्य थोड़े समय के लिए रोका गया। इसी बीच, सेना ने रसुवा में बाढ़ से प्रभावित एक पनबिजली परियोजना की सुरंग से दो लोगों को बचाया है, जबकि वहां फंसे अन्य लोगों की तलाश जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार, टनल में फंसे करीब 100 लोगों को बचाने के प्रयास सेना कर रही है। ये लोग दो दिन पहले आई विनाशकारी बाढ़ के कारण सुरंग में फंस गए थे। सेना ने टनल में फंसे दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। अब बचाव दल उन लोगों का भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जो सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों से लापता हुए हैं।
काठमांडू में भारतीय दूतावास ने नेपाल में आई आपदा के दौरान जानकारी लेने और मदद चाहने वाले लोगों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर अपडेट किए हैं। ये नंबर इमरजेंसी संपर्क के लिए उपलब्ध हैं और इन पर WhatsApp के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है।
हेल्पलाइन नंबर:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
+977 981 032 6117
नई दिल्ली से जारी सूचना के अनुसार, 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लगभग 200 तीर्थयात्री शामिल हैं, जो चीन की तरफ फंसे हुए हैं। भारत ने राहत सामग्री की दो खेप भेजी हैं, जिनमें 47 टन से ज्यादा जरूरी सामान, दवाएं और भोजन शामिल हैं।
सरकारी मीडिया ने बताया कि तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता हैं, जिनमें से 260 विदेशी नागरिक हैं। बीजिंग ने कहा कि सीमा के नेपाल वाले हिस्से में भी लगभग 100 चीनी नागरिक लापता हैं।
चीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भूस्खलन से बनी झील के टूटने और निचले इलाकों में नई बाढ़ आने का बहुत ज्यादा खतरा है। मौसम का अनुमान लगाने वालों ने आने वाले दिनों में और मॉनसून बारिश की चेतावनी भी दी है, जिससे बचाव दलों और बचे हुए लोगों के लिए खतरा और बढ़ने की आशंका है।
Updated on:
28 Aug 2026 03:58 pm
Published on:
28 Aug 2026 03:58 pm
