
Putin-Jaishankar meeting: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को क्रेमलिन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-रूस संबंधों, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। जयशंकर 23-24 अगस्त को रूस की आधिकारिक यात्रा पर हैं और उन्होंने भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 27वीं बैठक की सह-अध्यक्षता भी की।
बैठक के दौरान, जयशंकर ने पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं दीं और उनकी ओर से एक व्यक्तिगत संदेश सौंपा। जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग में काफी वृद्धि हुई है और दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए एक मजबूत एजेंडा है।
जयशंकर ने बताया कि व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत और रूस के बीच सहयोग की समीक्षा की गई। उन्होंने निकट भविष्य में इन क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने की भारत की इच्छा जताई। रूस ने भारत को उर्वरकों की आपूर्ति जारी रखने और उसे बढ़ाने का भी वादा किया है। हाल के वर्षों में भारत और रूस के बीच आर्थिक संबंध लगातार महत्वपूर्ण रहे हैं।
बैठक के दौरान, विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भविष्य के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीएम मोदी बिश्केक में होने वाले आगामी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान उनसे मिलने के इच्छुक हैं। इसके अलावा, 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित ब्रिक्स (BRICS) नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करने की तैयारियां चल रही हैं।
जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों नेता अपनी वार्षिक द्विपक्षीय शिखर बैठक के लिए आपसी सुविधा के अनुसार समय तय करेंगे, जिसका उद्देश्य ऐतिहासिक भारत-रूस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
रिपोर्टों के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति ने विदेश मंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि SCO बैठक के दौरान वे जल्द ही पीएम मोदी से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे। राष्ट्रपति पुतिन ने इस साल के अंत में भारतीय प्रधानमंत्री से दोबारा मिलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया।
राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात से पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रूस के प्रथम डिप्टी प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के दौरान, दोनों नेताओं ने मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच व्यापारिक साझेदारी को आसान बनाने और आर्थिक संबंधों को स्थिर करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।