मालदीव के पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस साल भारतीय पर्यटकों में 33 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भारत के आईलैंड लक्षद्वीप में यात्रा क्या कर ली, मालदीव तो जैसे भारत का दुश्मन ही बन गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय द्वीप समूह लक्षद्वीप (Lakshadweep) को समुद्र तट पर्यटन और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक टूरिज्म स्पॉट के तौर पर विकसित करने की अपील की थी। तब मालदीव के 3 मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत को लेकर अपमानजनक टिप्पणी तक कर डाली। तो भारतीयों का भी खून खौल उठा, उन्होंने #Boycott_Maldives का ट्रेंड ऐसा चलाया कि मालदीव (Maldives)को उसकी करनी की सज़ा मिल गई। दरअसल मालदीव के सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि मालदीव में भारतीय पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड गिरावट आई है।
33 प्रतिशत तक गिरी भारतीय पर्यटकों की संख्या
मालदीव (Maldives) के पर्यटन मंत्रालय ने आंकड़े जारी करते हुए कहा है कि बीते साल के मुकाबले इस साल भारतीय पर्यटकों की संख्या में 33 प्रतिशत की गिरावट आई है। पर्यटन मंत्रालय के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 4 मार्च तक 41,054 भारतीय पर्यटकों ने मालदीव की यात्रा की थी जो इस साल 2 मार्च तक घटकर महज़ 27,224 ही रह गई। मंत्रालय का कहना है कि ये बीते साल की मुकाबले 13,830 कम है।
लक्षद्वीप मसले से मालदीव को हुआ नुकसान
बीते साल इसी समय के दौरान भारत 10 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी के साथ मालदीव में पर्यटकों के लिए दूसरा सबसे बड़ा सोर्स मार्केट था। वहीं अब भारत 6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ छठे स्थान पर है। जानकारों का कहना है कि लक्षद्वीप (Lakshadweep) वाले मामले से ही ये इतना बड़ा बदलाव मालदीव के पर्यटन में देखने को मिला है। जो एक बड़े राजनयिक विवाद में बदल गया था। इस पर तो नई दिल्ली ने मालदीव के राजदूत को तलब किया और आपत्तिजनक बयानों पर विरोध जताया था, हालांकि इसके बाद मालदीव ने उन 3 मंत्रियों को निलंबित कर दिया गया था लेकिन मालदीव की अकड़ टूटी नहीं थी, हाल ही में उसने अब मालदीव की सेना को भारतीय हेलिकॉप्टर और क्रू का कंट्रोलर भी बना दिया है और 10 मार्च तक भारतीय सेना को मालदीव से जाने का आदेश भी दे दिया है।
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