
Lakshmi Mittal Ukraine Steel Plant Attack: रूस और यूक्रेन के बीच जंग अब सिर्फ मोर्चे तक सीमित नहीं रह गई है। रविवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे के इलाकों में बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यूक्रेन के हमले में रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में छह लोगों की मौत की खबर सामने आई, वहीं रूसी हमले ने यूक्रेन के क्रिवी रिह स्थित भारतीय मूल के उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल की कंपनी के विशाल स्टील प्लांट को भी चपेट में ले लिया। इस हमले में दो लोगों की जान गई और कई कर्मचारी घायल हुए।
रूस के बेलगोरोद क्षेत्र के कार्यवाहक गवर्नर अलेक्जेंडर शुवायेव के मुताबिक, यूक्रेनी मिसाइल हमले में छह लोगों की मौत हुई और चार लोग घायल हुए। घायलों में एक 14 वर्षीय बच्चा भी बताया गया है। बेलगोरोद यूक्रेन की सीमा से लगा रूसी क्षेत्र है और युद्ध शुरू होने के बाद से यहां ड्रोन तथा मिसाइल हमलों का खतरा लगातार बना हुआ है।
यह हमला उस वक्त हुआ जब यूक्रेन ने रूस के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े हवाई अभियानों में से एक को अंजाम दिया। रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि रातभर में सैकड़ों यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया गया। मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई।
इसी हमलेबाजी के बीच रूस ने यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। यहीं स्थित है ArcelorMittal Kryvyi Rih, जो भारतीय उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल के नेतृत्व वाले वैश्विक स्टील समूह का अहम संयंत्र है। यूक्रेन की सबसे बड़ी एकीकृत खनन और स्टील इकाइयों में शामिल यह प्लांट लोहे की अयस्क खदान से लेकर तैयार स्टील तक की उत्पादन श्रृंखला से जुड़ा है।
हमले में संयंत्र के बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े अहम हिस्सों को नुकसान पहुंचा। कंपनी ने उत्पादन प्रक्रिया को आंशिक रूप से रोकने की जानकारी दी। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार क्रिवी रिह में हमले से दो लोगों की मौत और 14 लोगों के घायल होने की खबर है।
मित्तल का यह संयंत्र यूक्रेन के औद्योगिक ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कंपनी के मुताबिक, युद्ध से पहले यहां सालाना 60 लाख टन से अधिक स्टील उत्पादन की क्षमता थी और यह 20 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार देता है।
यही वजह है कि प्लांट पर हमला केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान पर हमला नहीं माना जा रहा। उत्पादन रुकने से रोजगार, निर्यात और यूक्रेन की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ सकता है।
रूस का कहना है कि क्रिवी रिह में उसका निशाना औद्योगिक और सैन्य-संबंधी ठिकाने थे। दूसरी ओर यूक्रेन लगातार रूस के भीतर सैन्य, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों पर लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल हमले बढ़ा रहा है।
रविवार की घटनाओं ने साफ कर दिया कि दोनों देशों के हमलों की पहुंच पहले से कहीं ज्यादा दूर हो चुकी है। रूस के शहरों में यूक्रेनी ड्रोन और यूक्रेन के बड़े औद्योगिक शहरों में रूसी मिसाइलें युद्ध का यह नया रूप आम नागरिकों और महत्वपूर्ण आर्थिक ढांचे, दोनों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
रूसी हमलों का असर सिर्फ क्रिवी रिह तक नहीं रहा। कीव में भी हमलों के बाद कई जगह आग लगने की खबर सामने आई। शहर के पोचाइना मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक बड़े बुक मार्केट में भीषण आग ने बड़ी संख्या में दुकानों और स्टॉल को अपनी चपेट में ले लिया।
इस तरह एक ही रात में दोनों देशों की धरती पर मिसाइलों और ड्रोन की गूंज सुनाई दी। बेलगोरोद में छह मौतों से लेकर क्रिवी रिह में मित्तल के स्टील प्लांट पर हमले तक, घटनाक्रम यह संकेत दे रहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब और ज्यादा व्यापक, तेज और जोखिम भरा होता जा रहा है।