
Middle East tension 2026: यमन और सऊदी अरब के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हूती नियंत्रित अल-मसीरा टीवी के मुताबिक, मंगलवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन के उत्तर-पूर्वी मारिब प्रांत में चार हवाई हमले किए। यह जवाबी कार्रवाई हूतियों द्वारा सऊदी अरब पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने के दावे के कुछ ही घंटों बाद सामने आई।
अल-मसीरा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, हवाई हमलों का मुख्य निशाना तेल-संपन्न मारिब प्रांत के दक्षिणी हिस्से में स्थित अल-जुबाह जिला रहा। हालांकि अभी तक इन हमलों में किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। सऊदी अरब की ओर से इस कार्रवाई पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इससे पहले मंगलवार को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीया ने दावा किया था कि उनके संगठन ने अब्हा, नजरान और जिजान में स्थित सऊदी अरामको की ऊर्जा सुविधाओं के साथ-साथ खमीस मुशैत के पास स्थित किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाकर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। सरीया ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनका संगठन "सऊदी क्षेत्र के भीतर गहराई तक" अपने हमले जारी रखेगा।
सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, हूती हमलों में अब्हा, खमीस मुशैत, जिजान और नजरान के नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 73 लोग घायल हुए। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि कुछ ऊर्जा प्रतिष्ठानों में आग लगने के कारण उनका संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है जब यमन में सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच संघर्ष लगातार व्यापक होता जा रहा है। सरकारी बलों ने मंगलवार को दावा किया कि उन्होंने उत्तरी अल-जौफ प्रांत के अल-यतमा क्षेत्र पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया है। इसके अलावा पश्चिमी यमन के अन्य मोर्चों पर भी लड़ाई जारी है, जहां हूती लड़ाके रणनीतिक रूप से अहम बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास सरकार-नियंत्रित इलाकों की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध की चपेट में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप किया था।