Afghanistan Pakistan Tension: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष जारी है। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई का इस पर बयान आया है।
Afghanistan Pakistan Tension: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ गई है। पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे जंग करार दिया है। दोनों ओर से भारी गोलाबारी जारी है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिए, एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया है। साथ ही, पाकिस्तान की कई सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष पर अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई का बयान भी सामने आया है।
हामिद करज़ई ने कहा कि पाकिस्तानी विमानों ने एक बार फिर काबुल, कंधार और पक्तिया पर बमबारी की। अफ़गान किसी भी हालात में पूरी एकता के साथ अपने प्यारे देश की रक्षा करेंगे और हिम्मत के साथ ताकत से जवाब देंगे। पाकिस्तान हिंसा और बमबारी से जो परेशानियां खड़ी कर चुका है, उनसे छुटकारा नहीं पा सकता, लेकिन उसे अपनी पॉलिसी बदलनी होगी और अफ़गानिस्तान के साथ अच्छे पड़ोसी, सम्मान और अच्छे रिश्तों का रास्ता अपनाना होगा।
हामिद करज़ई का भारत से गहरा और ऐतिहासिक कनेक्शन है। वे अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति (2004-2014) हैं, और भारत के साथ उनके संबंध बहुत मजबूत और दोस्ताना रहे हैं। करज़ई ने अपनी उच्च शिक्षा भारत में पूरी की। 1970 के दशक में वे शिमला (हिमाचल प्रदेश) के हिमाचल विश्वविद्यालय में पढ़े, जहाँ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राजनीति विज्ञान में मास्टर्स डिग्री हासिल की। इस दौरान वे भारत में रहे और भारतीय संस्कृति, समाज से काफी जुड़े। उन्होंने कई बार कहा है कि भारत उनकी दूसरी मातृभूमि जैसा है।
अफगानिस्तान में पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक और डूरंड लाइन पर सैन्य संघर्ष को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का बयान आया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उनके देश की सेना किसी भी आक्रामक ताकत को तेजी से कुचल देने की पूरी क्षमता रखती है। प्रधानमंत्री शरीफ ने यह भरोसा व्यक्त किया कि देश की पूरी जनता पाकिस्तानी बलों के समर्थन में एकजुट है।
अफगानिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कारी फसीहुद्दीन फितरत ने कहा है कि वह देश में चल रही विभिन्न सैन्य कार्रवाइयों की व्यक्तिगत रूप से कमान संभाल रहे हैं। वे सीधे मैदान में चल रहे युद्ध अभियानों की निगरानी कर रहे हैं।