USA's Move Against Houthi Organizations: यमन के हूती संगठनों के खिलाफ अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है। क्या है वो फैसला? आइए जानते हैं।
पिछले कुछ महीने से अमेरिका और ब्रिटेन का यमन के हूती विद्रोही संगठनों के साथ संघर्ष चल रहा है। दोनों पक्ष एक दूसरे पर हमले भी कर रहे हैं। यमन के हूती संगठन जहाँ अमेरिका और ब्रिटेन के जहाजों निशाना बना रहे हैं तो अमेरिका और ब्रिटेन भी साथ मिलकर बदला लेने के लिए हूती संगठनों पर हमले कर रहे हैं। लाल सागर में अमेरिका और ब्रिटेन के कई जहाज चलते हैं और हूतियों ने इन्हें भी निशाना बनाया और अमेरिका ने ब्रिटेन के साथ मिलकर इसका बदला भी लिया। अब हाल ही में अमेरिका ने हूती संगठनों के खिलाफ एक बड़ा फैसला लिया है।
हूती संगठनों को किया आतंकी समूह घोषित
यमन के हूती संगठनों से चल रहे संघर्ष के चलते अमेरिका ने हाल ही में आधिकारिक तौर पर उन्हें आतंकी समूह घोषित कर दिया है। अमेरिका पहले भी ऐसा कर चुका है और अब एक बार फिर अमेरिका ने यमन के हूती संगठनों को आतंकी समूह के रूप में नामित कर दिया है।
किस वजह से अमेरिका और ब्रिटेन के जहाजों को हूती संगठन बना रहे हैं निशाना?
यमन के हूती संगठन फिलिस्तीनियों के समर्थक रहे हैं। ऐसे में इज़रायल के हमास के खिलाफ युद्ध से हूती संगठन काफी नाराज़ हैं। साथ ही दूसरे देशों के इज़रायल को नहीं रोकने से भी हूती संगठन खुश नहीं हैं। हूती संगठनों ने गाज़ा में चल रहे युद्ध की वजह से इज़रायल के खिलाफ विरोध जताने के लिए लाल सागर में जहाज़ों को निशाना बनाना शुरू किया। और इसी वजह से अमेरिका और ब्रिटेन के जहाज भी हमलों का शिकार बने।
यह भी पढ़ें- यूके हुआ मंदी का शिकार, अर्थयवस्था में गिरावट से छाया खतरा