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पुतिन का दावा – नए अमेरिकी प्रतिबंधों से रूस की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा खास असर

New US Sanctions On Russia: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। ट्रंप ने ऐसा इसलिए किया है जिससे रूस पर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध खत्म करने का दबाव बने। हालांकि अब इस मामले पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बड़ा बयान दे दिया है।
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Updated: 24 Oct 2025, 10:59 AM IST
Vladimir Putin
रूस के राष्ट्रीय व्लादिमीर पुतिन। (फोटो- IANS)

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को रोकने के लिए अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अब एक नया दांव खेला है। उन्होंने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर सख्त प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने ऐसा इसलिए किया है जिससे रूस की अर्थव्यवस्था को झटका लगे और उसे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध खत्म करने के लिए मजबूर होना पड़े। हालांकि इसके बावजूद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) झुकने नहीं वाले हैं।

रूस की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा खास असर

एक कार्यक्रम के दौरान जब पुतिन से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसका बड़ा दिलचस्प जवाब दिया। पुतिन ने कहा कि नए अमेरिकी प्रतिबंधों के के परिणाम निश्चित रूप से देखने को मिलेंगे, लेकिन रूस की अर्थव्यवस्था पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

अमेरिका के फैसले का हो सकता है उल्टा असर

पुतिन ने रूस के खिलाफ अमेरिका के नए प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए इसे एक 'अमित्रतापूर्ण फैसला' बताया। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका के इस फैसले का उल्टा असर हो सकता है। पुतिन ने विस्तार से यह नहीं बताया कि ऐसा कैसे होगा, लेकिन ऐसा होने पर ट्रंप को बड़ा झटका लग सकता है।

रूस पर पहले से कई प्रतिबंध

यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की वजह से रूस पर पहले से ही कई प्रतिबंध लगे हुए हैं। अमेरिका समेत कई यूरोपीय देशों ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इन प्रतिबंधों का निश्चित रूप से रूस पर असर पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद यूक्रेन के खिलाफ रूस ने जंग खत्म नहीं की है। प्रतिबंधों की वजह से रूसी अर्थव्यवस्था को भी झटके लगे हैं, लेकिन इसके बावजूद रूस की आर्थिक स्थिति नियंत्रण में है और सरकार के प्रयासों और भारत (India), चीन (China) जैसे मित्र देशों से व्यापार की वजह से रूस की अर्थव्यवस्था को संभलने में काफी मदद मिली है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और चाइनीज़ राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping), रूसी राष्ट्रपति पुतिन के काफी अच्छे दोस्त हैं।