16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आधुनिक भवन के साथ ही बढ़ेंगी सुविधाएं, मरीजों को मिलेगा लाभ

ईसागढ़/नईसराय. नईसराय क्षेत्र के लोगों का इलाज जल्द ही सर्व सुविधायुक्त आधुनिक भवन में होगा। नया भवन बनने से जर्जर हो चुके अस्पताल भवन में होने वाली मरीजों की परेशानी तो दूर होंगी ही, साथ ही सुविधाएं भी बढ़ेंगी।

2 min read
Google source verification

image

praveen praveen

Dec 23, 2016

modern building, construction began

modern building, construction began

ईसागढ़/नईसराय. नईसराय क्षेत्र के लोगों का इलाज जल्द ही सर्व सुविधायुक्त आधुनिक भवन में होगा। नया भवन बनने से जर्जर हो चुके अस्पताल भवन में होने वाली मरीजों की परेशानी तो दूर होंगी ही, साथ ही सुविधाएं भी बढ़ेंगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के तीन प्राथमिक और 4 उप स्वास्थ्य केन्द्रों के कायाकल्प की योजना तैयार की गई है। योजना के तहत तीन प्रायमरी हेल्थ सेंटरों पर 33-33 लाख जबकि उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर 15-15 लाख रुपए की लागत से आधुनिक भवनों का निर्माण किया जाएगा। योजना के तहत कई स्थानों पर भवन बनाए जाने का काम शुरू हो चुका है। जबकि कई स्थानों के लिए कार्य योजना प्रारंभिक चरण में है। नईसराय के अस्पताल परिसर में भी 33 लाख रुपए की लागत से नवीन भवन बनाए जाने का कार्य शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार एनआरएचएम योजना के तहत प्रायमरी हेल्थ सेंटर नईसराय, बहादुर पुर और पिपरई के अस्पतालों का उन्नीकरण किया जाना है। इसमें पुराने अस्पताल भवन परिसर में ही एक नवीन भवन का निर्माण किया जाएगा। इस भवन में ओपीडी और जनरल वार्ड के अलावा एक्सरे रूप भी बनाया जाएगा। इससे अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में इजाफा होना स्वभाविक है। इसके अलावा कदवाया, जलालपुर, थूबोन जी और खजूरिया के उप स्वास्थ्य केन्द्र के उन्नीकरण के लिए 15-15 लाख रुपए की कार्य योजना बनाई गई है। इसके तहत उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर आधुनिक प्रसूती कक्षों का निर्माण किया जाएगा। सीएमएचओ ने बताया कि अभी तक थूबोन जी और खजूरिया स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्रों के उन्नीकरण का काम पूरा हुआ है।


14 महीने में तैयार होंगे भवन

अस्पताल परिसर में आधुनिक भवन तैयार करने की समय सीमा 14 महीने तय की गई है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो भवन निर्माण के लिए राजावत कंस्टक्शन ग्वालियर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि नए भवन जल्द ही बनकर तैयार हो जाएंगे।


दूर होगी परेशानी

नए अस्पताल भवन बनने के बाद मरीजों की परेशानी कम हो जाएंगी। दरअसल, गांवों में पहले बनाए गए अस्पताल भवन पुराने हो चुके हैं। यही कारण है कि बारिश के दिनों में भवनों की छतें टपकती हैं। इसके अलावा कई भवनों की दीवारें भी जर्जर हो गई हैं। नईसराय अस्पताल का ही उदाहरण लिया जाए तो अस्पताल भवन की छत क्षतिग्रस्त है। इसलिए बारिश के दिनों में मरीज तो दूर अस्पताल स्टाफ को बैठना भी मुश्किल भरा होता है। मरीजों को सुविधाएं मिलना तय है।

ये भी पढ़ें

image