Afghanistan: 20 साल की जंग के बाद तालिबान से हारा अमरीका! दूतावास से झंडा हटने के बाद निकलने की तैयारी

Afghanistan काबुल में पूरी तरह खाली हुआ अमरीकी दूतावास, राष्ट्रपति जो बिडेन ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए 1000 अतिरिक्त सैनिक भेजने का लिया फैसला, 2000 अफगानी स्पेशल वीजा पर जाएंगे अमरीका

By: धीरज शर्मा

Published: 16 Aug 2021, 01:47 PM IST

नई दिल्ली। काबुल ( Kabul ) के अमरीकी दूतावास ( US Embassy ) से उसका झंडा हटा लिया गया है। तालिबान ( Taliban ) के कब्जे के बाद अमेरिका जैसा देश भी बेबस नजर आ रहा है। यही वजह है कि अमरीका ने काबुल स्थित अपने दूतावास को पूरी तरह खाली कर दिया है। सभी कर्मचारियों को एयरपोर्ट पर पहुंचाया गया है, जहां से वे अमरीका वापस आएंगे।

यही नहीं अफगानिस्तान ( Afghanistan ) से सुरक्षित बच निकलने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने 1,000 अतिरिक्त सैनिकों को अफगानिस्तान भेजने का फैसला लिया है। ये सैनिक नागरिकों को सुरक्षित निकालने का काम करेंगे। लेकिन अफगानिस्तान से अमरीका की इस तरह वापसी है बता रही है कि 20 साल से तालिबान से जंग लड़ने के बाद कहीं दुनिया की सुपर पावर कहा जाने वाला अमरीका हार तो नहीं गया।

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काबुल एयरपोर्ट पर फायरिंग के बाद अमरीका ने अपने नागरिकों से एयरपोर्ट जाने से मना किया। यही नहीं अमरीका ने अपने नागरिकों से सुरक्षित जगह पर शरण लेने को कहा है।

हालांकि उनकी सुरक्षा के लिए अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन 1000 अतिरिक्त सैनिक भेजने का फैसला किया है। इस फैसले के साथ ही अफगानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की संख्या 6,000 हो जाएगी।

बिडेन पर उठने लगे सवाल
दूतावास से अमेरिकी झंडा हटाए जाने और उसके समर्थन वाली सरकार की लीडरशिप करने वाले राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़कर भागने से जो बिडेन पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों उन्हें इसका जिम्मेदार मान रहे हैं। बर्बाद करने का आरोप तक लगा रहे हैं।

अगले दो दिन में 6000 सैनिक
अगले दो दिनों में अफगानिस्तान में कुल 6,000 अमरीकी सैनिक होंगे, जो देश में एयर ट्रैफिक कंट्रोल का काम संभाल लेंगे।

स्पेशल वीजा पर अमरीका जाएंगे 2000 अफगानी
अमरीका ने अपने नागरिकों के साथ ही करीब 2,000 अफगानियों को भी अपने देश में बुलाने का फैसला लिया है। इनमें से 2,000 स्पेशल वीजा पर बुलाए जा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर वे लोग हैं, जिन्होंने बीते दो दशकों में अमरीका का साथ दिया है।

भारत ने भी एयर इंडिया को दिए निर्देश
अमरीका की वापसी की तैयारियों के बीच भारत सरकार ने भी एयर इंडिया को अहम निर्देश दिए हैं। सरकार ने एयर इंडिया से से दो विमानों को स्टैंडबाई पर रखने को कहा है ताकि अफगानिस्तान में मौजूद भारतीयों को तुरंत निकाला जा सके।

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60 देशों की तालिबान से अपील
इस बीच दुनिया के 60 देशों ने साझा बयान जारी कर तालिबान से अपील की है कि देश छोड़कर जाने वालों को सुरक्षित निकलने दिया जाए।

इस्लामिक देशों में भी डर
अफगानिस्तान को लेकर सिर्फ भारत और पश्चिमी देश ही परेशान नहीं हैं बल्कि इस्लामिक देशों की भी चिंता बढ़ी है। सऊदी अरब ने कहा कि बदलते जमीनी हालात के मद्देनजर उसने काबुल में अपने दूतावास से सभी कर्मियों को निकाल लिया है।

अफगानिस्तान की राजधानी पर तालिबान के कब्जे के बाद कई अन्य देशों ने वहां स्थित अपने दूतावास बंद कर दिए हैं। न्यूजीलैंड की ओर से स्पेशल प्लेन भेजा जा रहा है। फिलहाल न्यूजीलैंड के 37 नागरिक अफगानिस्तान में मौजूद हैं, जिन्हें निकाला जाना है।

धीरज शर्मा
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