scriptRamlala wears clothes according to the day famous designer Manish Tripathi told his specialty in Ayodhya | दिन के हिसाब कपड़े पहनते हैं रामलला, जाने-माने डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने बताई खासियत | Patrika News

दिन के हिसाब कपड़े पहनते हैं रामलला, जाने-माने डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने बताई खासियत

locationअयोध्याPublished: Feb 03, 2024 12:31:38 pm

Submitted by:

Vishnu Bajpai

Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने रामलला के लिए कपड़ा डिजाइन करने का कार्य जाने-माने डिजाइनर मनीष त्रिपाठी को सौंपा है। मनीष ने रामलला के कपड़ों के बारे में जानकारी दी है। आइए जानते हैं।

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Ram Mandir in Ayodhya: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उनके दर्शनों के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। एक ओर मंदिर निर्माण तो दूसरी ओर रामलला के कपड़ों का रखरखाव समेत तमाम जिम्मेदारियों के लिए अलग-अलग लोगों को लगाया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने भगवान राम के कपड़ों के लिए डिजाइनर के तौर पर मनीष त्रिपाठी को काम पर रखा है। इन्होंने भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल के लिए वर्दी और भारतीय क्रिकेट टीम के लिए जर्सी बनाई है, लेकिन चांदी के धागों, सोने और कीमती पत्थरों से बनी भगवान राम की मूर्ति के लिए कपड़ों का रखरखाव मामूली बात नहीं है।
जाने-माने डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने 22 जनवरी को भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम की पोशाक बनाई थी। बकौल मनीष “प्रतिष्ठा समारोह के लिए पोशाक बनाना मेरे लिए एक बहुत बड़ा काम था। लोगों का 500 वर्षों का इंतजार खत्म होने वाला था। मुझे लगता है कि यह भगवान राम ही थे जिन्होंने मुझे इस काम के लिए रास्ता दिखाया और मेरे दिमाग में विचारों का प्रवाह शुरू हो गया।”
मनीष ने आगे बताया “वास्तव में भगवान राम की अलमारी का प्रबंधन करना आसान नहीं है। मैं योगी आदित्यनाथ जी, चंपत राय जी (ट्रस्ट के महासचिव) और मंदिर ट्रस्ट का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। मैं अपने काम के लिए एक पैसा भी नहीं लूंगा। यह भगवान राम की घर वापसी के प्रति मेरा योगदान होगा।''

मूर्तिकार अरुण योगीराज की टीम ने भी किया सहयोग


उन्होंने बताया कि ट्रस्ट और राम लला की मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार अरुण योगीराज की टीम ने भी इस काम में मदद की। उन्होंने बताया “भगवान राम भगवान विष्णु के अवतार हैं, जिन्हें पीतांबर के रूप में जाना जाता है। इसलिए हमने पीतांबरी कपड़ा चुना। हमने इसे विशेष रूप से काशी में बनवाया है। यह कोई साधारण कपड़ा नहीं है। हमने इसे खासतौर पर काशी के बुनकरों से बनवाया है। यह रेशम, चांदी और सुनहरे धागों से बना हाथ से बुना हुआ कपड़ा है।”
त्रिपाठी ने कहा कि सही कपड़ा चुनने के बाद टीम डिजाइन वाले हिस्से पर पहुंच गई। उन्होंने कहा, “हमने यह सुनिश्चित किया कि हम पांच वर्षीय भगवान राम के लिए कपड़े डिज़ाइन करेंगे। हमने यह सुनिश्चित किया कि कपड़ा नरम और नाजुक रहे। साथ ही राजा दशरथ के पुत्र के मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त शाही दिखाई दे।”

रामलला के कपड़ों के लिए अलग से तैयार की गई अलमारी


उन्होंने कहा कि भगवान राम के लिए कपड़ों की आलमारी जरूरतों के मुताबिक डिजाइन की गई है। उन्होंने कहा, “इसकी चौड़ाई 21 इंच और ऊंचाई 51 इंच है। यह शुद्ध सागौन की लकड़ी से तैयार किया गया है। यह चमकीले मैरून रंग के कपड़े से ढका हुआ है। अलमारी के दरवाजे और हैंडल पर सुंदर पीतल का काम है। पूरी अलमारी को दो डिब्बों में विभाजित किया गया है। एक हिस्से में पोशाक और दूसरे में मैचिंग आभूषण रखे गए हैं। उन्होंने बताया, "लाल रंग की पोशाक मंगलवार के लिए, हरा बुधवार के लिए, पीला गुरुवार के लिए, हरा शुक्रवार के लिए, नीला शनिवार के लिए, गुलाबी रविवार के लिए और सफेद सोमवार के लिए है।" त्रिपाठी और उनकी टीम ने भगवान राम और उनके तीन भाइयों लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के लिए कपड़े तैयार करने में करीब 40 दिन लगाए हैं।

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