script अयोध्या में 6 दिन बाद निकले सूरज देव, सूर्यवंशी राम का राजतिलक से पहले किया सूर्य तिलक | Surya Tilak done before the coronation of Suryavanshi Ram | Patrika News

अयोध्या में 6 दिन बाद निकले सूरज देव, सूर्यवंशी राम का राजतिलक से पहले किया सूर्य तिलक

locationअयोध्याPublished: Jan 22, 2024 12:22:40 pm

Submitted by:

Upendra Singh

अयोध्या में 12 बजकर 29 मिनट से 84 सेकंड में भगवान राम का प्राण प्रतिष्ठा होगा। केवल 85 सेकंड ही शुभ मुहूर्त है। इससे पहले अयोध्या में भगवान भास्कर ने सूर्यवंशी राम का सूर्य तिलक किया

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अयोध्या राम मंदिर।
अयोध्या में 6 दिन से सूर्य देव दर्शन नहीं दिए थे। कोहरा और बादल ने सूर्य देव को ढके हुए थे। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन बादल और कोहरा सूर्य देव को अपने प्रभाव में नहीं ले सका। सूर्यवंशी भगवान राम का राजतिलक से पहले ही सूर्य तिलक हो गया। यह मात्र एक संयोग है।
84 सेकंड का मुहूर्त
22 जनवरी को निकाला गया 84 सेकंड का मुहूर्त छह प्रकार के योगों से युक्त होने से और भी विशिष्ट हो गया है। ये छह योग ऐंद्रयोग, आनंदयोग, सर्वार्थसिद्धियोग, अमृतसिद्धियोग, संजीवनीयोग तथा राजयोग हैं। मेष लग्न, वृश्चिकनवांश, अभिजीतक्षण, मृगशीर्ष नक्षत्र इस योग को और भी पवित्र एवं पुष्ट बना रहे हैं। इस दौरान सूर्य के मकर राशि में होने से यह मुहूर्त गुरु बृहस्पति के वचन ‘पौषे राज्यविवृद्धि स्यान्’ को भी चरितार्थ कर रहा है।
राम भक्तों को वर्षों से है इंतजार
राम भक्तों को वर्षों से जिस पल का इंतजार है, उसके लिए अयोध्या पूरी तरह से तैयार है। भव्य राम मंदिर को फूलों और विशेष रोशनी से सजाया गया है। आयोजन की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर जिस तरह की भावना उमड़ पड़ी है, वो अभिभूत करने वाली है।
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा, रामलला के आगमन को लेकर हर तरफ उनके भक्तों के जोश भरे उद्गार देखने को मिल रहे हैं।
अयोध्या में अतुल्य तैयारी पूरी अयोध्या नगरी
अयोध्या में अतुल्य तैयारी पूरी अयोध्या नगरी, ‘शुभ घड़ी आई’, ‘तैयार है अयोध्या धाम’, ‘विराजेंगे श्री राम’, ‘राम फिर लौटेंगे’, ‘अयोध्या में राम राज्य’ जैसे नारों वाले पोस्टर और होर्डिंग से पटी हुई है। प्राण प्रतिष्ठा से पहले करीब दो घंटे तक सुनाई देने वाली दिव्य मंगल ध्वनि में देशभर के पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग किया जाएगा। यह संगीत प्रस्तुति सुबह 10 बजे शुरू होगी।

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