
मृतक के घर जुटी भीड़
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. पुरानी कहावत है कि नीम हकीम खतरे जान। कुछ ऐसा ही जीयनपुर कोतवाली कोतवाली क्षेत्र के मालटारी में हुआ। भदाव गांव के एक किशोर के पेट में दर्द हुआ और वह मालटारी बाजार स्थित एक झोलाछाप चिकित्सक से दवा ले लिया। चिकित्सक ने एक्सपायर दवा दे दिया। उसे खाते ही मरीज की हालत गंभीर हो गयी और शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गयी। इसके बाद नाराज परिवार के लोग चिकित्सक के क्लीनिक पर पहुंच गए लेकिन चिकित्सक पहले ही घर में ताला बंद कर फरार हो चुका था।
बतातें हैं कि जीयनपुर कोतवाली कोतवाली क्षेत्र के भदाव गांव निवासी राजीव के 15 वर्षीय पुत्र प्रियांशु की तबीयत 29 अगस्त को खराब हो गयी। किशोर द्वारा पेट दर्द की शिकायत करने पर परिवार के लोग उसे मालटारी स्थित एक चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने उसे दवा देकर घर भेज दिया।
दवा खाने के कुछ देर बाद ही किशोर की हालत बिगड़ गई। पेट दर्द बढ़ने के साथ ही उसका पेशाब रुक गया। परिवार के लोग उसे जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल में भर्ती कराये। जहां कुछ ही घंटों में उसके शरीर पर काले चकत्ते पड़ गए। राजीव के मुताबिक चिकित्सक ने बताया कि दवा के रिएक्शन के कारण किशोर का लीवर व किडनी प्रभावित हुई है। इसके बाद जब चिकित्सक द्वारा दी गयी दवा को देखा गए तो वह एक्सपायर थी।
सोमवार की देर रात उपचार के दौरान किशोर की मौत हो गयी। चिकित्सक की लापरवाही से नाराज परिवार के लोग रात में ही मालटारी स्थित चिकित्सक के क्लीनक पर पहुंच गए। वहां जाने पर पता चला कि चिकित्सक पहले की क्लीनिक में ताला बंद कर फरार हो गया है। घटना से लोगों में भारी आक्रोश है। इस मामले में जीयनपुर कोतवाली कोतवाली प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
31 Aug 2021 01:30 pm

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