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बड़ी साजिशः महिला का नाम कुटुंब रजिस्टर से गायब करा संपत्ति पर किया कब्जा

पीड़ित वृद्ध ने डीएम को ज्ञापन सौंप की कार्रवाई की मांग।

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Police

प्रतीकात्मक फोटो

आजमगढ़. निजामाबाद तहसील को एक बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। यहां कमरूद्दीन नाम के एक व्यक्ति को बेऔलाद बताकर पट्टीदारों ने सारी संपत्ति अपने नाम करा ली है। जबकि उसकी एक पुत्री है और वह इस संपत्ति का हासिल करने के लिए तहसील से लेकर ब्लाक तक का चक्कर काट रही है लेकिन साजिश के तहत कुटुम्ब रजिस्टर से नाम तक गायब करा दिया है। 80 साल की वृद्ध जो सीधे चल भी नहीं सकती अपने पोते के साथ बुधवार को डीएम कार्यालय पहुंची और अभिलेश प्रस्तुत करने हुए कार्रवाई की मांग की।


डीएम कार्यालय पहुंची निजामाबाद तहसील क्षेत्र के शेरवा गांव निवासी महमूदा बेगम पुत्री कमरूद्दी ने आरोप लगाया कि वह अपने पिता की एक मात्र वारिश है। उसके पिता की पवई लाडपुर व शेरवा गांव में भूमि है। पिता की मृत्यु के बाद उसने दाखिल खारिज के लिए तहसीलदार न्यायालय निजामाबाद में आवेदन प्रस्तुत किया लेकिन उसके पिता के खाते से सह खातेदार उसके चचेरे भाइयों ने साजिश रची और अधिकारियों की मिलीभगत से कुटुंब रजिस्टर से उसका नाम गायब करवा दिया और फर्जी अभिलेख तैयार कर खुद को उसके पिता का एक मात्र वारिश बताते हुए दूसरा वाद प्रस्तुत कर दिया। चुंकि उसके पिता की भूमि करोड़ों की है इसलिए उसके चचेरे भाई उलाउद्दीन पुत्र बदरूद्दीन ने पैसे के बल पर लेखपाल से गलत रिपोर्ट लगवाकर तहसीलदार निजामाबाद को प्रभाव में लेकर पूरी भूमि अपने नाम करा ली।


ज्बकि उक्त मामले में 12 जून 2019 को सुनवाई की तारिख नियत थी लेकिन साजिशन उसे रिकाल कर अनुपस्थित दिखाते हुए बिना किसी सूचना उसका वाद निरस्त कर एक जून को ही विपक्षी को उसके पिता का वारिश दिखा दिया गया। इसके बाद से ही एसडीएम से लेकर तमाम अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रही है लेकिन तहसील के अधिकारी अलाउद्दीन के प्रभाव में होने के कारण कुछ सुनने को तैयार नहीं है। जिलाधिकारी द्वारा कार्रवाई का आश्वासन देने पर पीड़ित वापस लौटी। इस दौरान वृद्ध का पोता अबू तलहा, कपिल सिंह बरधा, राजेश यादव आदि भी साथ थे।

By Ran Vijay Singh

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