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घाघरा ने शुरू की विनाशलीला, आधा दर्ज मकान नदी की धारा में विलीन

घाघरा नदी ने विशानलीला शुरू कर दी है। बरसात रुकने के बाद जल स्तर में थोड़ी सी कमी आयी तो नदी ने कटान शुरू कर किया। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि के साथ ही आधा दर्जन मकान नदी की धारा में बिलीन हो गए।

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घाघरा की कटान

घाघरा की कटान

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. अभी ठीक से बरसात भी नहीं हुई और जिले में घाघरा ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बाढ़ आने की स्थिति में हालात कैसे होगे इसे लिए लोग डरे हुए हैं। जलस्तर में लगातार कमी होने के साथ ही कटान तेज हो गयी है। खेती योग्य सैकड़ो बीघा जमीन कटकर नदी में विलीन हो चुकी है। देवारा खास राजा के बगघवा गांव में अब तक आधा दर्जन मकान कटान में बह चुके हैं। कई मकान नदी के मुहाने पर है। लोग पलायन करने के लिए मजबूर हो गए हैं।

बता दें कि घाघरा नदी प्रति वर्ष बरसात में कहर बरपाती है। लोगों को करोड़ों की क्षति का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण लंबे समय से रिंग बांध बनवाने की मांग कर रहे है लेकिन यह मांग अब तक पूरी नहीं हुई। यहीं नहीं पिछली वर्ष बाढ़ में बंधे को पहुंची क्षति की भी मरम्मत अब तक विभाग नहीं करा सका है।

पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान दो स्थान पर बंधा टूटा था। इस बार ठोकर का निर्माण अधूरा होने से लोग सहमे हैं कि आगे क्या होगा। अब तो नदी ने कटान भी शुरू कर दी है। बगघवा गांव में 70 घर की आबादी निवास करती है जिसमें से 40 घर अब घाघरा नदी की कटान के करीब हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत बनी है।

यहां के लोग बारी बारी से पलायन कर रहे हैं। गांव से पहले ग्राम समाज की जमीन में मिट्टी पाट कर अपना आशियाना बना रहे हैं। कुछ लोग बगल के गांव अजगरा मसर्की में भी विस्थापित हो रहे हैं। इसी तरह झगड़हवा गांव में 70 घर, साधु का पूरा में 50 घर, वासु का पूरा में 15 घर घाघरा नदी के तटवर्ती क्षेत्र में आते हैं। धीरे-धीरे इस गांव के पास भी घाघरा नदी खेती की जमीन काटकर आबादी की तरफ बढ़ रही है। गांगेपुर में कुड़वा रिंग बंधा, परसिया रिंग बंधा घाघरा नदी काट रही है।

BY Ran vijay singh